
बिलासपुर,,, न्यायधानी में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के बीच नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं! तोरवा चौक स्थित दीवान कंस्ट्रक्शन के अपार्टमेंट को लेकर सामने आई जानकारी ने नगर निगम की भवन शाखा की निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है! आरोप है! कि अपार्टमेंट के लिए आठ फ्लोर निर्माण की अनुमति स्वीकृत है! लेकिन मौके पर नौवीं मंजिल का निर्माण भी किया जा रहा है! ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अतिरिक्त मंजिल के निर्माण की अनुमति किसने दी?

दो ब्लॉक के बीच 13.6 मीटर की दूरी का मामला…
मामला सिर्फ अतिरिक्त मंजिल तक सीमित नहीं है! स्वीकृत नक्शे में अपार्टमेंट के दोनों ब्लॉक के बीच 13.6 मीटर की दूरी निर्धारित बताई गई है! जबकि मौके पर दोनों ब्लॉक को जोड़ने जैसा निर्माण दिखाई देने का दावा किया जा रहा है! क्या इस बदलाव के लिए नगर निगम से संशोधित अनुमति ली गई है? यदि नहीं, तो निर्माण पर अब तक रोक क्यों नहीं लगी?
190 कारों की पार्किंग भी जांच के दायरे में…
अपार्टमेंट में 190 कारों की पार्किंग का प्रावधान बताया गया है! ऐसे में यह भी जांच का विषय है! कि वास्तविक निर्माण में पार्किंग की व्यवस्था स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है! या नहीं… कहीं पार्किंग के नाम पर कागजों में बड़े-बड़े दावे और मौके पर अलग व्यवस्था तो नहीं है?
भवन शाखा की चुप्पी से बढ़े सवाल…
नियमानुसार स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण कराना और समय-समय पर निरीक्षण करना नगर निगम की जिम्मेदारी है! फिर भवन शाखा के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की या नहीं? यदि अनियमितता सामने आई है! तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? फिलहाल जांच और कार्रवाई को लेकर निगम की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है! शहरवासियों का सवाल है! कि क्या न्यायधानी में रसूखदार बिल्डरों और आम नागरिकों के लिए निर्माण के नियम अलग-अलग हैं? विकास जरूरी है! लेकिन नियमों की कीमत पर नहीं… अब नगर निगम को स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण का मिलान कर स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए…
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