Sun. Oct 18th, 2026

खाद माफियाओं पर बिलासपुर प्रशासन का डबल अटैक, रात में छापा, गोदाम सील, ट्रकों भर खाद जब्त… किसानों के लिए खुलीं समितियां, कलेक्टर का सख्त संदेश कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं, जिले में खाद की कोई कमी नहीं…

बिलासपुर,,, खरीफ सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी, अवैध भण्डारण और निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है! कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार जिलेभर में छापेमार कार्रवाई कर रहा है! हाल के दिनों में मल्हार और सेन्दरी में की गई… कार्रवाई में बड़ी मात्रा में खाद जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई है!
विकासखण्ड मस्तूरी के अंतर्गत मल्हार स्थित अग्रवाल खाद भण्डार की जांच के दौरान यूरिया, एनपीके और एसएसपी उर्वरकों का अवैध भण्डारण पाया गया… टीम ने खाद को जब्त कर लिया है! तथा संबंधित प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया जा रहा है! इसी प्रकार सेन्दरी स्थित मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर में छिपाकर रखी गई खाद को उड़नदस्ता दल ने रात में छापेमार कार्रवाई कर बरामद किया… जांच के दौरान अवैध भण्डारण की पुष्टि होने पर खाद जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया… कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है! और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कार्रवाई की जा रही है! कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किसानों के हित में सभी सहकारी समितियों को अवकाश दिवसों सहित शनिवार एवं रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए हैं! ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े… जिले को खरीफ सीजन के लिए 68 हजार 950 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है! जिसके विरुद्ध अब तक 46 हजार 780 मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण किया जा चुका है! वहीं किसानों को लगभग 19 हजार 913 मीट्रिक टन खाद का वितरण भी किया जा चुका है! वर्तमान में जिले में यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके एवं एसएसपी सहित पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं! पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक 10 हजार 711 मीट्रिक टन अधिक खाद का भण्डारण किया गया है! कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है! कि वे केवल पंजीकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद और बीज खरीदें तथा खरीदारी की रसीद अवश्य लें… विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है! कि जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है! तथा खाद की कमी संबंधी भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें… किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, हरी खाद एवं नील हरित काई जैसे विकल्पों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है! जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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