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20 वर्षों से नौकरी के लिए भटक रहे लोगों ने एसईसीएल का किया घेराव.. गेवरा कुसमुंडा से बिलासपुर पहुंचे सैकड़ो ग्रामीण..

 

 

 

 

 

बिलासपुर ,,,छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला कल सोने के भंडारण को लेकर देश भर में विख्यात है गेवरा कुष्मांडा में एसईसीएल की खदानें संचालित है जहां से देश भर में कोयला वितरण होता है.. लेकिन वहां रहने वाले ग्रामीणों की हालत खराब हो चुकी है क्योंकि जमीन अधिग्रहण करते समय किसी क ने नौकरी देने का वादा ग्रामीणों से किया था इसके आवाज में उनके खेतों और जमीनों को एसईसीएल में कोयला निकालने के लिए इस्तेमाल कर लिया, लेकिन जब नौकरी देने की बारी आई तो एसईसीएल में मुंह मोड़ लिया.. कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है और गेवरा कुष्मांडा से सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर ग्रामीणों ने आज सीसीएल मुख्यालय का घेराव कर दिया.. ग्रामीणों का कहना है कि, सीसीएल द्वारा छोटे ग्रामीणों को नौकरी का वादा देकर उनकी जमीने अधिग्रहित की गई थी, लेकिन जब नौकरी की बारी आई तो एसईसीएल अधिनियम 2012 का हवाला देकर उन्हें नौकरी से वंचित किया जा रहा है, जबकि 2004 में इस तरह का कोई नियम नहीं था अब ग्रामीणों का कहना है कि, पुराने नियम के अनुसार उन्हें नौकरी में पात्रता दी जाए, वरना चरण बद्ध तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा..

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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