
बिलासपुर,,, क्या कभी आपने सोचा है! कि एक डॉक्टर का ऑपरेशन आपको महंगा पड़ सकता है? और वो भी तब, जब वो डॉक्टर असल में डॉक्टर ही न हो? छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है! जिसमें अपोलो अस्पताल के एक फर्जी कार्डियोलाजिस्ट के हाथों हुई मौतों का मामला सामने आया है! सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य की डिग्री और अन्य दस्तावेज मांगे हैं!

यह मामला एक साधारण अस्पताल की लापरवाही से शुरू होकर, कई रहस्यों का पर्दाफाश कर रहा है! डॉ. विक्रमादित्य को अपोलो अस्पताल ने बतौर कार्डियोलाजिस्ट नौकरी पर रखा था! उन्हें अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में काम करने का मौका मिला, और जैसे ही वे ऑपरेशन करने लगे, तो कुछ ही समय में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जान चली गई!
लेकिन एक मौत का मामला ज्यादा चर्चा में आया! वह था! छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला का ऑपरेशन शुक्ला जी का ऑपरेशन करने के बाद उनकी तबियत बिगड़ी और कुछ घंटों में ही उनकी मौत हो गई! इस ऑपरेशन के बाद, पूर्व स्पीकर शुक्ला के बेटे, प्रोफेसर प्रदीप शुक्ला ने खुलासा किया कि उनका पिता वही ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के हाथों शिकार बने थे! जिनकी डिग्री को अब सवालों के घेरे में लाया जा रहा है!
यह मामला तब और बढ़ा जब दमोह के मिशन अस्पताल में भी डॉ. विक्रमादित्य के हाथों आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई! इन मौतों को दबाने का आरोप अपोलो अस्पताल के कारपोरेट तंत्र पर भी लगा है! जिसने शुरुआत में इसे छिपाने की कोशिश की लेकिन जैसे-जैसे घटनाएं सामने आईं, अस्पताल का पर्दाफाश हो गया!
सीएमएचओ ने अब अपोलो अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए डॉ. विक्रमादित्य की डिग्री, उनके चयन की प्रक्रिया और नौकरी पर रखने के आधार सहित अन्य दस्तावेज की मांग की है! अब देखना ये है! कि यह मामला और कितना और उलझेगा, और क्या अपोलो अस्पताल पर सख्त कार्रवाई होती है?
यह मामला अब केवल अस्पताल की लापरवाही का नहीं, बल्कि मेडिकल क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों के बढ़ते खतरे का भी प्रतीक बन गया है! अब अपोलो अस्पताल को यह साबित करना होगा कि वे सच में मेडिकल क्षेत्र में भरोसेमंद हैं! या यह सिर्फ एक और बड़ा स्कैम है!
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