
बिलासपुर,,, जिले में राज श्री पान मसाला के सिरगिट्टी स्थित प्लांट पर छापेमारी ना होने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं! सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यभर में जहां अन्य फैक्ट्रियों पर तंबाखू और पान मसाले की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार छापेमारी हो रही है! तो वहीं राज श्री पान मसाला के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है! यह एक गंभीर सवाल बन कर रह गया है! जो ना केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है! बल्कि राज्य और केंद्र सरकार के नियामक तंत्र पर भी शक पैदा करता है!

अवधि में बदलाव, छापेमारी का बंद होना:
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में तंबाखू और पान मसाले के खिलाफ कड़ी छापेमारी होती थी! लेकिन जैसे ही भाजपा की सरकार आई, राज श्री पान मसाला के खिलाफ एक भी छापेमारी नहीं हुई है! यह बदलाव अचानक और संदिग्ध प्रतीत होता है! खासकर तब जब राज्य में अन्य फैक्ट्रियों पर लगातार छापेमारी हो रही हो! राज्य के ड्रग एंड फूड विभाग को इस फैक्ट्री के बारे में जानकारी है! फिर भी कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
तंबाखू का अवैध व्यापार:
राज श्री पान मसाला केवल पान मसाला ही नहीं बनाता, बल्कि इसके साथ तंबाखू की भी पैकिंग की जाती है! यह एक खुला राज है! कि पान मसाला के साथ तंबाखू का व्यापार चलता है! जिसे विभिन्न क्षेत्रों में बेचा जाता है! पान मसाला के साथ तंबाखू का परोसना एक अवैध गतिविधि है! जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है! बावजूद इसके, कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है! यह एक बड़ा सवाल है! पान मसाला और तंबाखू का सेवन सेहत पर गहरा असर डालता है! और इसका अवैध व्यापार रोकने के लिए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए!
स्थानीय नागरिकों का रोष:
स्थानीय नागरिकों का कहना है! कि राजश्री पान मसाला के आसपास की फैक्ट्री से तंबाखू की पैकिंग और व्यापार हो रहा है! इसके बावजूद, ना तो प्रशासन की ओर से कोई छापेमारी हो रही है! और ना ही कोई कार्रवाई की जा रही है! नागरिकों ने इस पर चिंता व्यक्त की है! और सवाल किया है! कि क्यों अधिकारियों की दबिश नहीं हो रही! उन्हें लगता है! कि फैक्ट्री के ऊपर किसी न किसी का दबाव है! जिसके कारण इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है!
पर्यावरणीय संकट:
एक और गंभीर पहलू यह है! कि फैक्ट्री के द्वारा उत्पन्न प्रदूषण से आसपास के वातावरण पर असर तो पड़ रहा है! साथ ही राहवशियो को भी इस फैक्ट्री के प्रदूषण से बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है! फैक्ट्री का संचालन और तंबाखू के उत्पादन के चलते वायुप्रदूषण और पर्यावरणीय संकट पैदा हो रहा है! यहां तक कि, बगल में एक और बड़ी फैक्ट्री का निर्माण भी चल रहा है! जो जल्द ही चालू हो जाएगी! लेकिन यह सब सवालों के घेरे में है! फैक्ट्री द्वारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट भी सामने आई है! लेकिन संबंधित विभाग ने अभी तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया है!
मीडिया में प्रचार, लेकिन छापेमारी नहीं:
राजश्री पान मसाला का विज्ञापन अखबारों में लगातार प्रकाशित हो रहा है! जिसमें “केशर युक्त” पान मसाला का प्रचार किया जा रहा है! लेकिन यह सवाल उठता है! कि क्या इस तरह के प्रचार के साथ तंबाखू की अवैध बिक्री भी हो रही है? क्या राज्य और केंद्र सरकार इस मामले पर तुरंत ध्यान देंगे और इस तरह के अवैध व्यापार को रोकने के लिए कड़ी कार्यवाही करेंगे?
निष्कर्ष:
राजश्री पान मसाला पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न होना एक गंभीर मामला है! यह अधिकारियों की निष्क्रियता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है! राज्य और केंद्र सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए! और सुनिश्चित करना चाहिए! कि इस तरह के अवैध व्यापार पर कड़ी रोक लगे! यदि अधिकारियों के खिलाफ कोई दबाव या मिलीभगत नहीं है! तो तुरंत जांच होनी चाहिए! और ऐसे कारोबारों को कड़ा दंड दिया जाना चाहिए!

Author Profile
Latest entries
UncategorizedNovember 4, 2026व्यापार विहार में नकली माल वालों की उल्टी गिनती शुरू, असली के नाम पर नकली बेचकर ग्राहकों को चूना लगाने वालों की सदस्यता होगी निरस्त, व्यापारी संघ ने साफ कर दिया, कारोबार करो, धोखाधड़ी नहीं…
UncategorizedNovember 4, 2026एक जेल संभल नहीं रही, दूसरी खोलने की तैयारी, अंदर 3432 बंदियों का बोझ, बाहर ऊंची इमारतों से सुरक्षा को चुनौती, दो बार हो चुकी संदिग्ध सामग्री की एंट्री, आखिर प्रशासन किस मुहूर्त का इंतजार कर रहा?
UncategorizedNovember 4, 2026आठ मंजिल की परमिशन, नौवीं पर चढ़ा निर्माण का जुनून, दीवान कंस्ट्रक्शन का कैसा है ये बिल्डिंग वाला गणित? 13.6 मीटर की दूरी भी हुई गायब, 190 कारों की पार्किंग का हिसाब भी सवालों में, निगम की भवन शाखा जांच के नाम पर बजा रही ढोल, कार्रवाई की बारी आई तो जिम्मेदारों की बोलती बंद, क्या रसूख के आगे नियमों ने भी टेक दिए घुटने?
UncategorizedNovember 4, 2026कोनी के सुपरस्पेशलिटी मल्टीलेवल हॉस्पिटल के नाम पर मरीजों को बनाया जा रहा फुटबॉल, इलाज सरकारी अस्पताल में नहीं तो निजी अस्पतालों में कैसी सेटिंग? कान के इलाज में गई जान, डॉक्टर पर दलाली और अस्पतालों पर लापरवाही के आरोप, 200 करोड़ का अस्पताल आखिर मरीजों के किस काम का?…
