Fri. Oct 30th, 2026

CGPSC का ‘3.2 करोड़’ कनेक्शन, अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया से ED की पूछताछ, 12 लोग तलब… पर्चा, पैसा, चैट और प्रॉपर्टी की पड़ताल तेज, अब सवाल, करोड़ों की कथित रकम चली कहां-कहां और ‘खेल’ में कौन-कौन शामिल?

रायपुर,,, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित पर्चा लीक और चयन अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है! जांच एजेंसी ने अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है! उन्हें बलरामपुर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है! और फिलहाल वे (ED) की रिमांड पर हैं! एजेंसी उनसे कथित आर्थिक लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है!

₹3.2 करोड़ के कथित लेन-देन की जांच…

सूत्रों के मुताबिक, ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है! कि पर्चा उपलब्ध कराने और चयन में मदद के नाम पर कथित तौर पर वसूली गई… करीब ₹3.2 करोड़ की रकम में से कितनी राशि चेतन बोरघरिया तक पहुंची…
जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है! कि यदि कथित रकम उनके पास पहुंची थी…. तो उसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया गया… हालांकि, रकम के अंतिम प्रवाह और इन आरोपों की पुष्टि को लेकर जांच अभी जारी है!
ED ने मामले में विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से चेतन बोरघरिया को कथित तौर पर रकम देने वाले अभ्यर्थियों समेत करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है! संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं! और मामले से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं! कुछ दस्तावेज जांच एजेंसी द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की भी जानकारी है!

पैतृक घर पर छापेमारी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त….

इससे पहले ED की टीम ने धमतरी स्थित चेतन बोरघरिया के पैतृक निवास पर छापेमारी की थी… इस दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी…
जांच एजेंसी इन उपकरणों और दस्तावेजों से मिले तथ्यों के आधार पर भी पूछताछ कर रही है! बताया जा रहा है! कि ED केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से प्राप्त जानकारी और अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है!

कॉल डिटेल और चैट की भी पड़ताल…

जांच एजेंसी ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच आरोपियों और संदिग्ध व्यक्तियों की कॉल डिटेल और चैट की भी पड़ताल की है! जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले कुछ चैट में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन, पर्चा उपलब्ध कराने और इंटरव्यू में मदद से जुड़ी बातचीत मिलने का दावा किया गया है!
इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है! ED विकास, अनिल और उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है! एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है! कि अभ्यर्थियों और प्रभावशाली लोगों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ और कथित रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया गया…

कई आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच…

दूसरी ओर, ED ने कारोबारी श्रवण कुमार गोयल, सेवानिवृत्त IAS टामन सिंह सोनवानी, जीवन किशोर ध्रुव, राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी आरती वासनिक और ललित गणवीर समेत अन्य आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने का दावा किया है!
इन संपत्तियों को अटैच करने के लिए अदालत में आवेदन दिए जाने की बात भी सामने आई है! ED का दावा है! कि जांच के दौरान कुछ संपत्तियों के कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं! हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा… फिलहाल ED वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों को जोड़कर CGPSC मामले की कड़ियां तलाश रही है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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