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चंदे पर छिड़ा जमीन का जंग, पेड़ कटा तो बढ़ा विवाद, मारपीट के बाद समिति ने खोला मोर्चा; बोली- चंदे का चोला पहनाकर जमीन का झगड़ा छिपाने की कोशिश, पूरा CCTV-अडियो दिखाओ और असली राज खोलो….

बिलासपुर,,,  आस्था गणेशोत्सव समिति के अध्यक्ष शुभम सोनी और कार्यकारी अध्यक्ष आशु अग्निहोत्री ने कैट और छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से लगाए गए… जबरिया चंदा वसूली और मारपीट के आरोपों को खारिज किया है! सोमवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे विवाद की मूल वजह चंदा नहीं, बल्कि जमीन, पेड़ काटने और रास्ते को लेकर चल रहा विवाद है! उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को दबाने और समिति की छवि खराब करने के लिए मामले को जबरिया चंदा वसूली का रूप दिया गया… समिति पदाधिकारियों ने दावा किया… कि 11 सितंबर को जमीन पर लगा पुराना पेड़ काट दिया गया था… इसकी जानकारी मिलने के बाद 17 सितंबर को संबंधित व्यापारी से बातचीत करने दुकान पहुंचे थे… उनका कहना है! कि पेड़ उनके पिता के समय से लगा था… इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान गाली-गलौज और हाथापाई हुई… पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मारपीट में उनके हाथ, गले और छाती में चोट आई… लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी…

5500 रुपये पहले ही मिल चुके थे….

चंदे के आरोपों पर समिति ने रसीद का हवाला देते हुए कहा कि विवादित रसीद गणेशोत्सव समिति की नहीं…. बल्कि दुर्गा समिति की थी…. गणेश समिति के लिए 5500 रुपये विवाद से एक घंटे पहले ही प्राप्त हो चुके थे… वहीं दुर्गा समिति की रसीद में राशि का कॉलम खाली छोड़ा गया था…. समिति के अनुसार संबंधित व्यापारी ने व्यापारियों से चर्चा के बाद राशि लिखने की बात कही थी… इसलिए रसीद में रकम दर्ज नहीं की गई थी…. पदाधिकारियों ने कहा कि जमीन विवाद को चंदे के विवाद में बदलकर आम नागरिकों के बीच गणेशोत्सव समिति की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है! उन्होंने कहा कि शहर की धार्मिक समितियां सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से वर्षों में अपनी प्रतिष्ठा बनाती हैं! ऐसे में किसी जमीन विवाद को चंदे से जोड़ना उचित नहीं है!

पूरा सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो सार्वजनिक करने की मांग…

समिति ने विवाद के संबंध में दुकान का पूरा सीसीटीवी फुटेज सामने रखने की मांग की है! पदाधिकारियों का कहना है! कि सामने आया फुटेज अधूरा है! उन्होंने घटनाक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग के साथ ऑडियो भी सार्वजनिक करने की मांग की… ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस मुद्दे पर हुआ था… उनका कहना है! कि पूरी रिकॉर्डिंग सामने आने से जमीन विवाद और चंदे के आरोपों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है!

जमीन और रास्ते को लेकर भी लगाए आरोप….

समिति पदाधिकारियों ने जमीन पर कब्जे, रास्ता बनाए जाने और पेड़ काटने को लेकर भी आरोप लगाए… उनका दावा है! कि विवादित भूमि में उनका हिस्सा है! और प्लाटिंग से पहले नाले के लिए जमीन का हिस्सा शासन को दिया गया था… आरोप है! कि बाद में इसी हिस्से का उपयोग रास्ते के तौर पर किया गया…. उन्होंने नए निर्माण वाले हिस्से में पेड़ काटकर मुरुम डालने और रास्ता बनाने की भी बात कही… समिति ने पूरे मामले की पुलिस और राजस्व स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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