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5 Oct 2026, Mon

यूनिटी हॉस्पिटल में बिलिंग का खेल निराला 37 दिन भर्ती, 2.41 लाख जमा फिर भी 5 लाख का बिल, परिजन बोले मरीज बचा या बिल बढ़ा? मंत्री जी योजनाओं का ढिंढोरा पीट गए, यूनिटी ने बिल देखकर परिजनों का हिसाब बिगाड़ दिया…

00 पब्लिक कन्फ्यूज तो फिर सच है! क्या…?…
00 सरकारी संस्थानों में तो न तो डॉक्टर है! न दवाई…

बिलासपुर,,, सेवा संकल्प अभियान के तहत केंद्र के मोदी सरकार की योजनाओं का गुणगान करने पहुचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को करोड़ो की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का माइक बजवाकर गए… और इधर शहर के बीच मिशन हॉस्पिटल रोड के यूनिटी हॉस्पिटल में मरीजो के परिजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच बवाल मचा रहा… परिजन शिकायत लेकर सिविल लाइन भी गए… कि वे अब अपने मरीज को ले जाने 2-3 लाख और नही दे सकते, 2 लाख 41 हजार से अधिक का भगुगतां कर चुके है! अब कहा से पैसे लाये… उससे भी बड़ा फाल्ट ये है! कि उसलापुर- मंगला के जिस शुद्धि नशामुक्ति केंद्र वालो द्वारा मरीज को भर्ती कराया गया… उनके द्वारा उनके परिजनों को जानकारी तक नही दी गई दी… जब इशू बिल का आया तब 5 दिन बाद उन्हें इसकी सूचना दी गई…

ये है मामला…

अत्याधिक नशा करने के कारण परिजनों ने मनीष नामक युवक को उसलापुर के शुद्धि नशा मुक्तिकेन्द्र में भर्ती कराया था… कडिब 5 दिन पहले ही उन्हें मनीष के यूनिटी होस्पिटल में भर्ती करने की जानकारी दी गई… तो परिजन होस्पिटल पहुचे… बताया जा रहा… कि मरीज 37 दिन तक होस्पिटल में भर्ती रहा… हॉस्पिटल प्रबंधन उनसे 5 लाख रुपये का बिल थमा रही है!

बाइट,,, मरीज के परिज


सवाल यह उठ रहा…. कि जब सरकारी चिकित्सा सहायक कईं कईं योजनाएं चल रही… लाखो करोड़ो रूपये होर्डिंग्स, बोर्ड, पम्पलेट और विज्ञापन में खर्च कर ढिंढोरा पीटा जा रहा है! तो फिर इसका लाभ आमजनमानस को क्यो नही मिल पा रहा… क्यो आए दिन निजी अस्पतालों से अनाप-शनाप बिलिंग को लेकर लफड़े और शव को बंधक बनाने की खबरे आम है! आखिर खोट है! कहा जिससे सरकार की साख को आए दिन चोट झेलनी पड़ रही क्योकि बजट और खर्चा तो हो ही रहा है….!

बाइट,,, आकाश चौबे मरीज का भाचा


इसकी भी होगी जांच…

इधर मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर कैवर्त का कहना है! कि इशू बिलिंग को लेकर है! मरीज के परिजन शिकायत लेकर आये थे… अभी दोनो पक्ष के बीच चर्चा चल रही… जहा तक परिजनों को सूचना डिये बगैर नशामुक्ति केंद्र द्वारा मरीज को भर्ती कराया गया… जो गलत है… इसकी जांच की जाएगी… और यूनिटी में ही क्यो इसकी भी…

बाइट,,,किशोर केवट, टीआई थाना सिविल लाइन

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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