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8 Oct 2026, Thu

त्यौहारों में मिलावटखोरों की मौज, नकली खोवे का बाजार गरम… खाद्य विभाग की टीम कब मारेगी एंट्री? मिठाई बिके, जनता खाए और सैंपल रिपोर्ट फाइलों में सोती रहे ऐसे कैसे चलेगा साहब, त्योहार है या मिलावटखोरों की खुली मिठाई मंडी?

बिलासपुर,,,  न्यायधानी में दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्रियों की मांग बढ़ गई है! त्योहार के दौरान मिलावटखोरी रोकने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की है! लेकिन, विभाग की कार्रवाई की रफ्तार और सैंपलों की जांच रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं! दीपावली से करीब एक सप्ताह पहले शहर की प्रमुख मिठाई दुकानों में पहुंचकर खाद्य सुरक्षा टीम ने सैंपलिंग की कार्रवाई शुरू की थी… सूत्रों के अनुसार विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और खाद्य सामग्रियों को मिलाकर 60 से ज्यादा नमूने लिए जाने की जानकारी सामने आई… लेकिन अब तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है! ऐसे में सवाल उठता है! कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मिलावटखोरी रोकने के लिए पूरी तरह कब सक्रिय होगी?

मिठाइयां बिक गईं, रिपोर्ट का इंतजार बरकरार…


त्योहारी सीजन में मिठाई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है! लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों के लिए मिठाइयां खरीदते हैं!इसी दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सबसे ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत होती है! खाद्य विभाग की टीम ने भी दीपावली के पहले दुकानों का निरीक्षण कर सैंपल लिए और दुकानदारों को मानक स्तर की मिठाइयां बेचने की हिदायत दी थी… लेकिन, सैंपलों की जांच रिपोर्ट समय पर सामने नहीं आने से विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं! बाजार में मिठाइयों की बिक्री अभी भी जारी है! और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री उपभोक्ताओं तक पहुंच चुकी है! ऐसे में यदि जांच रिपोर्ट त्योहार के बाद आती है! तो मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी सामने आने पर समय रहते उपभोक्ताओं को सतर्क करने का अवसर सीमित हो सकता है!

कार्रवाई सिर्फ सैंपल लेने तक सीमित तो नहीं?…


सूत्र बताते है! कि खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल दुकानों में पहुंचकर नमूने लेने और औपचारिक हिदायत देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए… जरूरी है! कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच समयबद्ध तरीके से हो और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाए… त्योहार के दौरान विभाग को मिठाइयों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखनी चाहिए… सवाल यह भी है! कि विभाग ने जिन 60 से ज्यादा नमूनों को जांच के लिए भेजा है! उनकी रिपोर्ट कब तक आएगी? क्या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए गए हैं? यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन मिलता है! तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? इन सवालों पर विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है!

त्योहार में ही क्यों नहीं मिलती जांच की रिपोर्ट?…


दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर खाद्य सुरक्षा की निगरानी सबसे ज्यादा जरूरी होती है! यदि जांच रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता है! तो मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और उपभोक्ताओं को समय रहते सचेत करने में परेशानी हो सकती है!हालांकि, सैंपल की रिपोर्ट आए बिना किसी मिठाई या दुकान को अमानक घोषित करना उचित नहीं होगा… लेकिन जांच में तेजी लाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए…


अब खाद्य विभाग से जवाब की उम्मीद…


बिलासपुर के लोगों के लिए यह जानना जरूरी है! कि बाजार में बिक रही मिठाइयां निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हैं! या नहीं… ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग को सैंपलों की जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए… और रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए…
अब बड़ा सवाल यही है! कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मिलावटखोरी रोकने के लिए कब पूरी तरह सक्रिय होगी? त्योहार के दौरान सैंपलिंग के साथ त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी या फिर उपभोक्ताओं को रिपोर्ट आने तक इंतजार ही करना पड़ेगा?

व्यापार विहार का भी मामला खत्म…

हाल ही में व्यापार विहार लगातार हुई. कार्रवाई में नकली सिगरेट, ईनो, सर्फ एक्शल जैसे कई खाद्य सामग्री का फूड सेफ्टी विभाग ने जप्त कर सेम्पल के लिए लैब भेजे गए… लेकिंग अब तक सैम्पल का रिपोट नही आया… और न ही इसकी कोई जानकारी साझा की… इससे ये अनुमान लगाया जा सकता है! क्या जप्त सामान लैब तक पहुची, या फिर मामला…?

इन दुकानों की थी कार्रवाई…

संजय ट्रेडर्स, सागर ट्रेडर्स, विक्की जनरल तेलीपारा, नरेश ट्रेडिंग,

बाहरी राज्यों से आ रहा है नकली मावा...

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिलासपुर रेलवे स्टेशन और बसों के जरिए… उत्तर प्रदेश (मथुरा, आगरा) तथा मध्य प्रदेश के रास्तों से भारी मात्रा में संदिग्ध मावा बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में खपाने के लिए लाया जाता है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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