Breaking
11 Oct 2026, Sun

सूर्यवंश के सामने सूर्यवंशी की एंट्री, बेसन के पैकेट में ब्रांडिंग की कॉपी का आरोप सूर्य का निशान, टैगलाइन और डिजाइन पर भी सवाल, माना कैंप पुलिस ने धीरज-श्रीचंद सचदेव के खिलाफ दर्ज की FIR, अब जांच में खुलेगा नकल का पूरा बेसन पुराण…

रायपुर,,, बाजार में ब्रांड की पहचान और ग्राहकों के भरोसे से जुड़ा ट्रेडमार्क उल्लंघन का एक मामला राजधानी रायपुर में सामने आया है! ‘सूर्यवंश’ ब्रांड के नाम और पैकेट की डिजाइन से मिलते-जुलते ‘सूर्यवंशी’ नाम से बेसन बेचने के आरोप में माना कैंप पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है! शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है! कि उत्पाद के नाम से लेकर पैकेट के रंग, सूर्य के चिह्न, उत्पाद की तस्वीर और टैगलाइन तक में समानता रखी गई है! इससे ग्राहकों के दोनों ब्रांडों को लेकर भ्रमित होने की आशंका जताई गई है! पुलिस ने 10 अक्टूबर को ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है!


दो दशक से बाजार में पहचान बनाने का दावा...


शिकायतकर्ता मनीष शादीजा रामसागरपारा स्थित मनीष आटा चक्की के माध्यम से आटा, बेसन और फरसान से जुड़े उत्पादों का कारोबार करते हैं! शिकायत के मुताबिक, ‘सूर्यवंश’ ट्रेडमार्क वर्ष 2004 से पंजीकृत है! और इसकी वैधता 21 जुलाई 2034 तक बताई गई है!शिकायतकर्ता का कहना है! कि लंबे समय से बाजार में मौजूद इस ब्रांड ने अपनी अलग पहचान बनाई है! और ग्राहक इसके नाम तथा पैकेट की डिजाइन से परिचित हैं!


नाम से लेकर पैकेट की डिजाइन तक समानता का आरोप…


शिकायतकर्ता ने मेसर्स एमएस सिंध बेसन के संचालक धीरज सचदेव और उनसे जुड़े लोगों पर ‘सूर्यवंशी’ नाम से बेसन बेचने का आरोप लगाया है! शिकायत में दावा किया गया है! कि नए उत्पाद की पैकेजिंग में ‘सूर्यवंश’ ब्रांड से मिलते-जुलते रंग, सूर्य का चिह्न और उत्पाद की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है! इसके साथ ही ‘शहर गृहणियों की पहली पसंद’ जैसी टैगलाइन भी मिलती-जुलती रखे जाने की बात कही गई है! शिकायतकर्ता के अनुसार, नाम और पैकेट की बनावट में इस तरह की समानता से ग्राहक उत्पाद खरीदते समय दोनों ब्रांडों के बीच अंतर नहीं कर पाएं… ऐसी स्थिति बन सकती है! उन्होंने आशंका जताई है! कि इससे उनके कारोबार, ब्रांड की प्रतिष्ठा और बाजार में स्थापित पहचान को नुकसान पहुंच सकता है! हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल शिकायत का हिस्सा हैं! और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी…


माना कैंप और रविग्राम से जुड़ा मामला...


शिकायत में उत्पाद के उत्पादन और भंडारण से जुड़े स्थानों का उल्लेख भी किया गया है! इसके अनुसार, माना कैंप स्थित डी-62, जय सदाराम मार्केट और तेलीबांधा क्षेत्र के रविग्राम का संबंध कथित गतिविधियों से बताया गया है! पुलिस अब शिकायत में दर्ज तथ्यों, उत्पाद की पैकेजिंग और ट्रेडमार्क से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकती है! जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उत्पादों के नाम और डिजाइन में समानता किस हद तक है! तथा ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं…

FIR में नामों को लेकर भी अंतर…


इस मामले में प्राथमिकी और शिकायत के विस्तृत विवरण में नामों को लेकर अंतर सामने आया है! एफआईआर में धीरज सचदेव और श्रीचंद सचदेव के नाम दर्ज बताए गए हैं! जबकि शिकायत के विस्तृत विवरण में निर्मल सचदेव का भी उल्लेख है! ऐसे में आरोपियों की भूमिका और नामों से संबंधित तथ्यों का स्पष्ट होना जांच का महत्वपूर्ण पहलू रहेगा… फिलहाल माना कैंप पुलिस ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोपों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है! अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ‘सूर्यवंश’ और ‘सूर्यवंशी’ ब्रांड की पैकेजिंग में समानता महज संयोग है! या इसके पीछे ट्रेडमार्क उल्लंघन का मामला है!

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed