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4 Feb 2026, Wed

शहर वही, सड़कें वही, स्टाफ वही, मगर गाड़ियाँ बेलगाम—13 माह में 61 हजार वाहन बढ़े, जाम बना रोज़ की सजा; सवाल बड़ा, ट्रैफिक कंट्रोल कब, कैसे और किसके भरोसे…


00  सड़के वही अमला भी कम बढ़ रहा संकट…
00 ऑटो एक्सपो और लोन की सहूलियतों से भरदराया…


बिलासपुर,,, सरकार की सहूलियतें और छूट से आम पब्लिक में राहत है! पब्लिक रटा टोर वाहन खरीद रहे… आलम यह है! कि 13 माह में शहर की सड़कों पर और 61 हजार गाड़ियों का बोझ बढ़ गया… अब दिक्क्त यह है! कि पहले ही पंजीकृत वाहनों से सड़कों पर ट्रेफिक का भारी दबाव है! इन नई गाड़ियों के सड़को पर उतरने से जाहिर है! क्राउड और ट्रैफिक पुलिस का जंजाल बढ़ेगा क्योकि सड़के वही है! और अमला भी बल्कि रिटायरमेंट के कारण अमला कम हो रहा है!
ऑटो एक्सपो की छूट और लोन की सहूलियतों से आम पब्लिक गदगद है! एजेंसियों और मेलो से रोज गाड़ियों की खरीदी हो रही है! लेकिन जिस तादात में नई गाड़ियों के कारण सड़को पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा सरकारें उस पर ध्यान नही दे रही कि आखिर सड़को पर गाड़ियां दौड़ेगी कैसे,,,,
शहर का विस्तार हो रहा नए सार्वजनिक और शासकीय उपक्रम आ रहे नई- नई कालोनियां विकसित हो गई… और हो रही लेकिन सरकारों ने नई सड़को के विस्तार पर ध्यान नही दिया… नतीजतन गाड़ियों की संख्या और शहर की सड़कों पर ट्रेफिक का दबाब फर्राटे से बढ़ता जा रहा….
गाड़ियों के बढ़ोतरी की यदि यही रफ्तार और सड़कों का इसी तरह टोंटा रहा तो आनेवाले दिनों में शहर की सड़कों पर गाडियां तो दूर पैदल चलना दुभर हो जाएगा…
जनप्रतिनिधियों और रणनीतिकार अफसरो को इस ओर ध्यान देना होगा नई सड़को के विस्तार और वैकल्पिक मार्गो को व्यवस्थित करना होगा नही तो हालात और भी भयावह हो सकता है!

बाइट,,, रामगोपाल करियारे ASP यातायात

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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