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17 Jul 2026, Fri

आर्म्स एक्ट के आरोपी को बचाने कोर्ट में खेला फर्जीवाड़े का खेल… जमानत के लिए पेश की नकली ऋण पुस्तिका, सीजेएम की सतर्कता से खुली पोल, जमानतदार पर एफआईआर, अब फर्जी दस्तावेज गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस…

बिलासपुर,,,,  जिला न्यायालय में आर्म्स एक्ट के एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए फर्जी ऋण पुस्तिका प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है! दस्तावेज पर संदेह होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने राजस्व विभाग से सत्यापन कराया…. जिसमें ऋण पुस्तिका पूरी तरह फर्जी पाई गई। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने जमानतदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है!
पुलिस के अनुसार, आर्म्स एक्ट के आरोपी शुभम बैस की जमानत के लिए योगेश्वर निषाद (36), निवासी बंधवापारा, सरकंडा ने स्वयं को जमानतदार बताते हुए न्यायालय में ऋण पुस्तिका पेश की थी… दस्तावेज संदिग्ध लगने पर सीजेएम असलम खान ने अतिरिक्त तहसीलदार से सत्यापन कराने के निर्देश दिए…
राजस्व जांच में सरकंडा हल्का नंबर-32 के पटवारी ने बताया… कि ऋण पुस्तिका में दर्ज खसरा नंबर 1270 और 1216 का रिकॉर्ड जांचने पर संबंधित भूमि योगेश्वर निषाद के नाम पर दर्ज ही नहीं मिली…. इससे स्पष्ट हो गया…. कि आरोपी को जमानत दिलाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में पेश किया गया था….
अतिरिक्त तहसीलदार की रिपोर्ट मिलने के बाद न्यायालय के आदेश पर कोर्ट आरक्षक रजनीकांत ओगरे की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336 और 340 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है!
थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मामले की जांच एएसआई मस्तराम कश्यप को सौंपी गई है! आरोपी की तलाश की जा रही है! पुलिस यह भी जांच कर रही है! कि फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार करने में और कौन-कौन शामिल था तथा क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है! जिसने पहले भी इसी तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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