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8 Sep 2026, Tue

नीरज पांडेय पर 29 लाख की ठगी का आरोप, दवा एजेंसी नहीं मिली तो कैंटीन, रेत खदान से पत्नी की सरकारी नौकरी तक का झांसा राजू सोनकर का दावा, रकम मांगी तो गाली-गलौज, पुरानी बस्ती थाने से गृह मंत्री तक पहुंची शिकायत, अब जांच का इंतजार.. 

रायपुर,,,,  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय समेत तीन लोगों पर करीब 29.35 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप लगा है! मामले में बंधवापारा निवासी राजू सोनकर ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत देकर नीरज पांडेय, उनके चाचा इन्द्रासन पांडेय और भाई दीपक पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है! शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है! कि अलग-अलग काम और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए गए…
शिकायत के मुताबिक, राजू सोनकर की पहचान इन्द्रासन पांडेय से थी… इसके बाद उसकी मुलाकात नीरज पांडेय और दीपक पांडेय से कराई गई… शिकायतकर्ता का आरोप है! कि उसे सिप्ला कंपनी की दवा एजेंसी, डीकेएस अस्पताल की कैंटीन का ठेका, रेत खदान में काम और बाद में मंत्रालय में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया….


दवा एजेंसी के नाम पर पहले रकम लेने का आरोप..


राजू सोनकर ने शिकायत में दावा किया है! कि दवा एजेंसी दिलाने के नाम पर फरवरी 2023 से अगस्त 2024 के बीच उससे फोन-पे और RTGS के जरिए 4.32 लाख रुपये से अधिक की रकम ली गई… इसके अलावा उसकी पत्नी के खाते से भी करीब 42 हजार रुपये ट्रांसफर कराए जाने का आरोप है! शिकायत में एक NGO में करीब एक लाख रुपये जमा कराने का भी उल्लेख किया गया है!
शिकायतकर्ता का आरोप है! कि दीपक पांडेय को सिप्ला कंपनी में एसोसिएट डायरेक्टर और नीरज पांडेय को NSUI प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए उनकी राजनीतिक पहुंच का हवाला दिया गया…. इसी भरोसे में वह लगातार रकम देता रहा….


18 लाख से ज्यादा रकम देने का दावा….


राजू सोनकर के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से मई 2024 के बीच नीरज पांडेय के कहने पर उसने करीब 18.42 लाख रुपये और दिए..  शिकायतकर्ता का दावा है! कि अलग-अलग भुगतानों को मिलाकर आरोपियों को कुल 29,35,440 रुपये दिए गए…
शिकायत के अनुसार, जब दवा एजेंसी का काम नहीं हुआ तो उसे डीकेएस अस्पताल की कैंटीन में काम दिलाने का भरोसा दिया गया… इसके बाद रेत खदान में काम और फिर उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी लगवाने का आश्वासन दिए जाने का आरोप है!


रकम वापस मांगी तो विवाद का आरोप….


शिकायतकर्ता का कहना है! कि लंबे समय तक काम नहीं होने के बाद उसने अपनी रकम वापस मांगी… आरोप है! कि इस दौरान उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई…  इसके बाद उसने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दी… साथ ही गृह मंत्री और रायपुर पुलिस कमिश्नर के समक्ष भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है!
फिलहाल मामला पुलिस के पास शिकायत के स्तर पर है! शिकायत में लगाए गए… आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा… कि रकम किन परिस्थितियों में ली गई… वास्तव में किस उद्देश्य से ली गई…. और आरोपों में कितनी सच्चाई है! संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी….

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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