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15 Sep 2026, Tue

GST का छापा पड़ा तो कारोबारियों के उड़ गए होश, 6 ठिकानों पर पहुंची टीम… व्यापार विहार से मुंगेली तक मचा हड़कंप, बिल-किताब खुली तो टैक्स का खेल भी आया जांच के घेरे में…

बिलासपुर,,,,  GST स्टेट टीम ने टैक्स से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर बिलासपुर और मुंगेली जिले में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है! GST अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने दोनों जिलों में छह कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों और व्यापारिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की है! कार्रवाई के दौरान स्टॉक, कंप्यूटर डेटा, खरीद-बिक्री के बिल, इनवॉइस, ई-वे बिल और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं!
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र व्यापार विहार में गुटखा, ड्रायफ्रूट्स और तेल कारोबार से जुड़े तीन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया गया है! अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की… कारोबारियों द्वारा दर्ज किए गए… वास्तविक व्यापारिक आंकड़ों और जीएसटी रिटर्न में प्रस्तुत जानकारी का मिलान भी किया जा रहा है!
इसी तरह मुंगेली जिला मुख्यालय में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े तीन प्रतिष्ठानों पर GST टीम ने कार्रवाई की… बताया जा रहा है! कि विभाग को कुछ होटल और रेस्टोरेंट में कथित तौर पर कच्चे बिल के जरिए टैक्स बचाने की शिकायतें मिली थीं… इसके बाद संबंधित कारोबारियों के बिक्री रिकॉर्ड, बिलिंग और टैक्स रिटर्न की जांच शुरू की गई…. इस कार्रवाई के बीच मुंगेली के बावा होटल पर करीब 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी सामने आई है! दावा है! कि GST चोरी सामने आने के बाद जुर्माने की पूरी रकम वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करा दी गई…. हालांकि जुर्माने और टैक्स देनदारी से संबंधित विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी… GST विभाग की जांच का दायरा केवल इन छह प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं बताया जा रहा है!विभाग की नजर हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनियों और उनसे जुड़ी संदिग्ध कारोबारी गतिविधियों पर भी है! बिना वैध ई-वे बिल के माल परिवहन और कथित फर्जी इनवॉइस के जरिए टैक्स चोरी की आशंका वाले मामलों की भी जांच की जा रही है! अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों के आधार पर माल की वास्तविक आवाजाही और बिलिंग के बीच अंतर की पड़ताल की जा रही है! जानकारी के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न की जांच के दौरान विभाग ने 115 से अधिक संदिग्ध बोगस डीलरों और कथित शेल कंपनियों को चिन्हित किया है! आरोप है! कि कुछ फर्मों के जरिए कागजों पर कारोबार दिखाकर करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर किया गया… इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है!
फिलहाल बिलासपुर और मुंगेली में छह प्रतिष्ठानों पर जांच की प्रक्रिया जारी है! GST टीम कारोबारियों के स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान करने के साथ कंप्यूटर व डिजिटल डेटा भी खंगाल रही है! खरीद-बिक्री के बिल, इनवॉइस, ई-वे बिल और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित कारोबारियों पर वास्तविक टैक्स देनदारी कितनी बनती है! और कथित अनियमितताओं की स्थिति क्या है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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