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13 Sep 2026, Sun

रेलवे का ऐसा सिस्टम कि मंत्री की चिट्ठी भी वेटिंग में, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की अनुशंसा पहुंची रेलवे तक, मगर टिकट कन्फर्म हुआ नहीं, फिर सवाल वही V.V.I.P कोटा आखिर चलता किसके इशारे पर है?…

बिलासपुर,,,, में रेलवे के वेटिंग टिकट के कन्फर्मेशन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है! जिसने रेलवे के V.V.I.P अथवा विशेष कोटे की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं! बताया जा रहा है! कि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के कार्यालय से विधिवत अनुशंसा भेजे जाने के बावजूद संबंधित यात्री का वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो सका… यात्रा की तारीख नजदीक आने के बाद भी टिकट कन्फर्म नहीं होने से यात्री को आपात स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ा…
जानकारी के मुताबिक संबंधित यात्री को आपात परिस्थितियों में यात्रा करनी थी…. टिकट वेटिंग में होने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के कार्यालय की ओर से रेलवे के संबंधित अधिकारियों के नाम अनुशंसा पत्र भेजा गया… यात्री पक्ष का कहना है! कि अनुशंसा के बाद टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद थी…. लेकिन निर्धारित यात्रा तिथि तक टिकट कन्फर्म नहीं हो पाया…
मामला सामने आने के बाद रेलवे में V.V.I.P या विशेष कोटे के तहत टिकट कन्फर्मेशन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं! आखिर मंत्री कार्यालय से भेजी गई… विधिवत अनुशंसा पर किस स्तर पर निर्णय लिया जाता है! और किन नियमों के तहत टिकट कन्फर्म किया जाता है! इसे लेकर स्पष्टता की मांग की जा रही है!
इस मामले में यह आरोप भी सामने आया है! कि रेलवे के बड़े अधिकारियों से जुड़े लोगों के मौखिक निवेदन पर कई बार टिकट कन्फर्म होने की बातें कही जाती हैं! हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है! ऐसे में सवाल यह है! कि क्या लिखित अनुशंसा की कोई प्रभावी भूमिका है! या फिर पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है!
यात्री पक्ष का कहना है! कि जब यात्रा आपात स्थिति में हो और मंत्री कार्यालय की ओर से रेलवे को अनुशंसा भेजी जाए…. तब भी राहत नहीं मिलती तो आम यात्री किस व्यवस्था के भरोसे रहे… फिलहाल मामला रेलवे की आरक्षण व्यवस्था, विशेष कोटे की उपयोगिता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है!
अब जरूरत इस बात की है! कि रेलवे स्पष्ट करे कि V.V.I.P अथवा विशेष कोटे में अनुशंसा पत्रों पर क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है! और मंत्री कार्यालय की अनुशंसा के बावजूद टिकट कन्फर्म क्यों नहीं हो सका…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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