बिलासपुर ,,, जिले में शेयर मार्केट मे पैसा लगाकर रकम कई गुना करने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले मे पुलिस ने आरोपीया महिला ठग को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले भी महिला आरोपीया ने कई लोगों के साथ ठगी कर चुकी है। पचपेड़ी थाना अंतर्गत प्रार्थियां निर्मला रात्रे एवम सुनीता भारद्वाज निवासी ध्रुवाकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई की
ध्रुवाकारी निवासी राधिका भारद्वाज पति नागेंद्र भारद्वाज ने शेयर मार्केट ने पैसा लगाकर कम समय में पैसा दुगना करने का झांसा देकर प्रार्थियां एवम अन्य महिला पुरुष से नगद एवम फोन पे के जरिए लगभग 94 लाख रुपए लेकर ठगी की है जिसकी शिकायत पर अलग,अलग अपराध दर्ज कर आरोपीया को हिरासत में लेकर पूछताछ कर मेमो कथन लिया गया! आरोपिया के द्वारा नगद पैसा लेना स्वीकार नहीं की है! फोन पे के जरिए लिए लगभग 30 लाख रुपए में से 12 लाख रुपए को आवेदकगड को वापस करना तथा कुछ रकम खर्च हो जाना कुछ जेवर खरीदना जिसमे से तीन जेवर प्रार्थी लोगो के पास होना तथा मकान निर्माण में पैसा लगाना और अपने पुत्र के लिए मोटर साइकिल खरीदना बताई जिसको पेश करने पर मोटर साइकिल R,15 कीमत 2 लाख एवम सोने के जेवर लगभग एक तोला करीबन 50 हजार जप्त किया गया है! वही नए कानून के अनुसार जप्ती की वीडियोग्राफी कराई गई आरोपी एवम उसके परिजनों के बैंक एकाउंट की जांच की जा रही है! वही महिला आरोपियां को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है!
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.08मोपका की बेशकीमती जमीन पर फिर ‘केडिया’ का दावा, रिकॉर्ड में निगम की, जमीन पर खम्भे गड़े… हाईकोर्ट के आदेश पर खुला सीमांकन का पिटारा, निगम-राजस्व टीम ने नापी जमीन, अब रिपोर्ट बताएगी असली मालिक कौन?
Uncategorized2026.09.08श्रीराम केयर में इलाज के बाद ‘कचरे’ का खेल! सार्वजनिक जगह पर मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाएं डंप, निगम की नजर पड़ी तो अस्पताल पर ठोंका ₹30 हजार जुर्माना, अब चेतावनी, दोबारा गलती हुई तो कार्रवाई और तगड़ी…
Uncategorized2026.09.08प्रदीप आर्य की ‘डिक्की चेकिंग’ ने खोला नशे का राज, बिरकोना रोड पर कार रोकते ही निकली ऑनरेक्स की 520 नग खेप, दो आरोपी दबोचे गए, 1.04 लाख का सिरप जब्त; दो सप्लायर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर…
Uncategorized2026.09.08सेंदरी के जमीन खेल में पटवारी पर मेहरबानी क्यों? 19 अक्टूबर का डेथ सर्टिफिकेट, 16 अक्टूबर का फौती प्रतिवेदन, एक माह से जांच ठंडी, कार्रवाई गायब… रसूख भारी या सिस्टम बेबस?
