
सीपत ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी के प्रकरण में छोड़ी गई बाइक निकली चोरी की पुलिस अधीक्षक द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों में कड़ी कार्रवाई करने का दिया गया है निर्देश
बिलासपुर,,, सीपत थाना क्षेत्र के प्रार्थी संतोष कुमार पांडेय पिता बलभद्र पांडेय उम्र 60 साल सा. साई वाटिका एनटीपीसी सीपत थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके घर के सामने से बाइक चोरी होने की रिपोर्ट पर थाना सीपत में अपराध दर्ज कर चोरो की पतासाजी करने के दौरान तकनीकी विश्लेषण से दो संदिग्ध व्यक्तियों को चोरी की बाइक में घूमते हुए देखे जाने पर उनको हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वह लोग दिनाक 16.7.24 को चोरी की नीयत से एनटीपीसी गेट के पास रात्रि में मौजूद थे । जहां पर पुलिस की चेकिंग और गतिविधि बढ़ी हुई देख कर मौके पर बाइक छोड़कर वहां से फरार हो गए। बाइक को पुलिस द्वारा जप्त कर उक्त दोनों चोरों के विरुद्ध धारा 379,34 भादवि के तहत हिरासत में लेकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
संपूर्ण कार्यवाही में थाना सीपत से निरीक्षक निलेश पांडे,प्रधान रक्षक परमेश्वर सिंह ठाकुर, आरक्षक प्रकाश जगत और एसीसीयू के प्रधान आरक्षक देवमुन पुहप, आरक्षक बोधू, तदबीर और वीरेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आरोपी 👇
1.अर्जुन यादव पिता राजा राम यादव उम्र 32 साल निवासी नवाडीह चौक माता चौरा सीपत
2.चंद्रप्रकाश यादव पिता रामचंद्र यादव उम्र 30 साल निवासी नवाडीह
जब्त माल
मोटर सायकल बजाज सिटी 100 क्रमांक सीजी 10 बीसी 3163
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.08मोपका की बेशकीमती जमीन पर फिर ‘केडिया’ का दावा, रिकॉर्ड में निगम की, जमीन पर खम्भे गड़े… हाईकोर्ट के आदेश पर खुला सीमांकन का पिटारा, निगम-राजस्व टीम ने नापी जमीन, अब रिपोर्ट बताएगी असली मालिक कौन?
Uncategorized2026.09.08श्रीराम केयर में इलाज के बाद ‘कचरे’ का खेल! सार्वजनिक जगह पर मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाएं डंप, निगम की नजर पड़ी तो अस्पताल पर ठोंका ₹30 हजार जुर्माना, अब चेतावनी, दोबारा गलती हुई तो कार्रवाई और तगड़ी…
Uncategorized2026.09.08प्रदीप आर्य की ‘डिक्की चेकिंग’ ने खोला नशे का राज, बिरकोना रोड पर कार रोकते ही निकली ऑनरेक्स की 520 नग खेप, दो आरोपी दबोचे गए, 1.04 लाख का सिरप जब्त; दो सप्लायर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर…
Uncategorized2026.09.08सेंदरी के जमीन खेल में पटवारी पर मेहरबानी क्यों? 19 अक्टूबर का डेथ सर्टिफिकेट, 16 अक्टूबर का फौती प्रतिवेदन, एक माह से जांच ठंडी, कार्रवाई गायब… रसूख भारी या सिस्टम बेबस?
