
बिलासपुर,,,मस्तूरी थाना क्षेत्र में जुआ खेलते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन और भी आरोपियों को पुलिस पकड़ने में नाकाम रही है। बाकी भाग गए।
जुआरियों से 18120 रुपए नगदी, 52 पत्ती ताश और बोरी फट्टी जब्त किया है। 17 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली कि मस्तूरी बनभरिया तालाब के नीचे खेत के पास कुछ व्यक्ति 52 पत्ती ताश से रुपए का दाव लगाकर हार जीत का काट पत्ती नामक जुआ खेल रहे है कि सूचना प्राप्त होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सउनि कृष्ण कुमार मरकाम व हमराह स्टाफ को रेड कार्रवाई करने के लिए रवाना हुए थे, जब बनभरिया तालाब के पास जुआ रेड किया तो कुछ जुआरी पुलिस को देख कर भाग गए। वहीं 4 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मौके से अन्य आरोपी फरार हो गए।
आरोपियों के पास से कुल 18120 रुपए नगदी और 52 पत्ती ताश जब्त कर आरोपियों को जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
आरोपी 👇
1 संतोष कुमार प्रजापति पिता चैर्थ राम प्रजापति उम्र 48 साल निवासी बाजार गली मस्तूरी थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर
2. शिवशंकर पांडेय पिता गिरजाशंकर पाांडेय उम्र 35 साल पता पुराना बाजार मेन रोड मस्तूरी थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर
3 अमित वर्मा पिता सुरेन्द्र वर्मा उम्र 35 साल पता देवनंदन नगर फेस 1 सरकंडा थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर
4. दीपक चैधरी पिता दयाराम चैधरी उम्र 35 साल पता सरगवां थाना मस्तूरी जिला बिलासपुर
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.06.10बुकिंग में गैस गायब, राशन में चावल साफ! व्यापार विहार में जोरों से चल रही कालाबाजारी का खेल ‘खाद्य कनेक्शन’ बेनकाब, शिकायतों के बाद भी विभाग मौन; फर्जी डिलीवरी, नकली माल और मुनाफाखोरी के खेल में आखिर किन बड़े चेहरों को मिल रहा संरक्षण?”
Uncategorized2026.06.10सुशासन तिहार में फूटा ज़मीन घोटाले का बम! सरकारी भूमि पर कब्ज़े का आरोप, फर्जी रजिस्ट्री से बन रहा मकान; शिकायतकर्ता ने मुकेश विधानी समेत कई लोगों पर लगाए गंभीर आरोप, जांच और बुलडोज़र कार्रवाई की उठी मांग…
Uncategorized2026.06.09वीडियो, वसूली और ‘जिया’ कनेक्शन! बिलासपुर में आरक्षक को ब्लैकमेल करने की साजिश का पर्दाफाश, पुलिस ने रितेश मिश्रा, अनुज श्रीवास्तव, सोनू ठाकुर और जिया खान को बनाया नामजद आरोपी, एक्सटॉर्शन केस से शहर में मचा हड़कंप…
Uncategorized2026.06.09HDFC Life पर उपभोक्ता आयोग का बड़ा डंडा — मौत के दावे पर टालमटोल पड़ी भारी, अब बीमा कंपनी चुकाएगी 9.60 लाख रुपए, मानसिक पीड़ा और खर्च अलग; 45 दिन में भुगतान नहीं किया तो बढ़ सकती है मुश्किलें…
