
बिलासपुर,,, पाराघाट सरपंच के नाम आते ही लोगों के जहन में नशे का सौदागार, लूटपाट,कमीशनखोरी,रंगबाजी,हत्या प्रयास. गुंडागर्दी, सरकारी जमीन की खरीदी बिक्री की घटनाएं सामने आ जाती है। बावजूद इसके पाराघाट सरपंच का ना तो पुलिस कुछ कर पा रही है। और ना ही प्रशासन ही शिकायत के बाद भी प्रदीप सोनी के खिला हिम्मत ही जुटा पा रहा है। बावजूद इसके पिछले एक साल से प्रदीप सोनी के खिलाफ जिला बदर की फाइल अटकी हुई है। बावजूद इसके प्रदीप सोनी की रंगदारी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक नहीं लग रहा है। जानकारी देते चलें कि प्रदीप सोनी पाराघाट स्थित आसपास के क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों का दूसरा नाम बन गया है। किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदीप सोनी ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ अपना एक सिस्टम तैयार कर लिया है। जिसके चलते लोगों का अब सामान्य जीवन मुश्किल हो गया है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.1425 सितंबर को बजेगा देशभक्ति का बिगुल, सुबह 11 बजे 1200 स्कूलों में एक साथ गूंजेगा पूरा ‘वंदे मातरम्’… एक करोड़ आवाजों से रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, ड्रोन भी रखेगा नजर अब बिलासपुर से दिल्ली तक बस एक ही सुर…
Uncategorized2026.09.14क्रिकेट का झगड़ा, पुलिस की नींद और मौत का क्लाइमेक्स, 7 सितंबर की लड़ाई से पांच दिन बाद युवक की मौत, चार गिरफ्तार… अब सकरी पुलिस से सवाल पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई, मौत के बाद ही क्यों खुली जांच की फाइल?
Uncategorized2026.09.14ओडिशा से गांजा, बिलासपुर में ठिकाना! जयरामनगर फाटक पर 13 किलो की खेप के साथ महिला समेत 4 तस्कर धराए… सिंडिकेट का खेल जारी, अब नाबालिगों की एंट्री के संकेत से पुलिस भी हैरान…
Uncategorized2026.09.13साय आदिवासी हैं या बनवासी? बैज के सवाल से गरमाई सियासत, विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई नहीं देने पर भी घेरा, बोले—पहचान ही साफ नहीं तो आदिवासी मुख्यमंत्री कैसे? कांग्रेस के बयान से प्रदेश की राजनीति में नया सियासी तड़का…
