
रायगढ़,,, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र के रेंजर टी.पी. वस्त्रकार को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भूमि आवंटन के नाम पर 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया! यह कार्रवाई तब की गई! जब ग्राम पंचायत खड़गांव के सरपंच बजरंग सिदार ने रेंजर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी (ACB) में दर्ज कराई थी!
रेंजर ने सरपंच से 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी! लेकिन सरपंच ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए एसीबी (ACB) को सूचना दी! इसके बाद एसीबी (ACB) ने एक जाल बिछाया और मदनपुर डीपो में रेंजर को 15,000 रुपये की पहली किश्त लेते हुए गिरफ्तार कर लिया! यह पूरी कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई! जिससे रेंजर वस्त्रकार को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता मिली!
रेंजर वस्त्रकार का ताजा तबादला धरमजयगढ़ वन मंडल से रायगढ़ वन मंडल के खरसिया रेंज में हुआ था! यह तबादला कुछ ही महीने पहले हुआ था! और नई पोस्टिंग के बाद ही रेंजर भ्रष्टाचार के मामले में फंस गया! इस प्रकार की शिकायतें पहले भी आई हैं! कि खरसिया रेस्ट हाउस में रेंजर ने कई गांववासियों से अवैध रूप से रिश्वत ली थी! यह पहला मामला नहीं है! और एसीबी (ACB) अब इस मामले से जुड़े अन्य भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच कर सकती है!
इस गिरफ्तारी के बाद रेंजर वस्त्रकार को रायगढ़ न्यायालय में पेश किया गया! जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया! फिलहाल, एसीबी (ACB) उससे पूछताछ कर रही है! और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है! कि क्या अन्य अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं! एसीबी (ACB) के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है! कि वन विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर जांच का दायरा और बढ़ सकता है! क्योंकि रेंजर के खिलाफ यह कार्रवाई वन विभाग में एक बड़ी हलचल का कारण बनी है!
छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं के तहत भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं! लेकिन एसीबी (ACB) की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है! कि अब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है! एसीबी के अधिकारियों ने जनता से अपील की है! कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाए, तो इसकी सूचना तुरंत दी जाए, ताकि भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सके और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके!
रायगढ़ में इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है! सूत्रों के अनुसार, एसीबी (ACB) अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है! जो इस प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल हो सकते हैं! सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है! कि सरकारी योजनाएं सही लोगों तक पहुंचे और भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके! यह घटना इस बात का प्रतीक है! कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है! और जनता से अपील की है! कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाए, ताकि राज्य में पारदर्शिता बढ़े और सार्वजनिक सेवा प्रणाली में सुधार हो!
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