
बिलासपुर,,, बिना लाइसेंस के चल रहे पैथोलैब और कलेक्शन सेंटरों का मामला बेहद गंभीर होते जा रहा है! ये सेंटर न केवल कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं! बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं! ऐसे केंद्रों में पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में ही सैंपल की जांच की जा रही है! और डिजिटल सिग्नेचर से रिपोर्ट तैयार की जा रही है! जो इलाज में गंभीर गलतियां उत्पन्न कर सकती हैं! इसके अलावा, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी के आदेश के बावजूद यह अवैध गतिविधियां जारी हैं! जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है! इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है! और सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है!
एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने इस गंभीर मामले को लेकर सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है! उन्होंने बताया कि शहर के कई पैथोलैब और कलेक्शन सेंटर बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं! और डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर गलत रिपोर्ट जारी कर रहे हैं! इससे मरीजों के इलाज में गंभीर त्रुटियां हो रही हैं! और उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है!
पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में हो रही जांच..
जिले के कई लैब और कलेक्शन सेंटर में पैथोलॉजिस्ट तक नहीं हैं! ये सेंटर रायपुर, दिल्ली या मुंबई की लैब कंपनियों की फ्रेंचाइजी लेकर चल रहे हैं! सैंपल कलेक्ट कर खुद ही परीक्षण कर कंप्यूटर से रिपोर्ट जारी की जा रही है! ऐसे में रिपोर्ट में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है! जिससे मरीजों के इलाज में गंभीर त्रुटियां हो सकती हैं!
सीएमएचओ ने दी चेतावनी, पर कार्रवाई नहीं..
सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि शहर के कुछ लैब और कलेक्शन सेंटर आदेश के बाद भी डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग कर रहे हैं! ऐसे कुछ लैब की डिजिटल सिग्नेचर के साथ रिपोर्ट देने की शिकायत मिली है! सभी पर कार्रवाई की जाएगी! इसके साथ ही जिले के अन्य लैब में भी टीम भेजकर जांच कराई जाएगी!
राजनीतिक रूप लेता मामला..
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है! एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई! तो वे इस मामले को बड़े स्तर पर उठाएंगे! उन्होंने कहा कि मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!
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