
बिलासपुर,,, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों अवैध शराब के कारोबार का हब बनती जा रही है! विभिन्न राज्यों से शराब तस्करी का यह कारोबार इतनी चुपचाप और बेखौफ तरीके से चल रहा है! कि आबकारी विभाग की टीम को इसकी भनक तक नहीं लग रही है! विशेष रूप से मध्यप्रदेश से लाई जा रही देशी शराब और अंग्रेजी शराब की तस्करी जिले में बड़े पैमाने पर हो रही है! जिससे राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है!


शराब तस्करों की बढ़ती गतिविधियां
बिलासपुर जिले में शराब तस्कर विशेष रूप से मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से शराब की बड़ी खेप लेकर आते हैं! और इसे खुलेआम बेचते हैं! जहां एक ओर सरकारी शराब की कीमतें उच्च होती हैं! वहीं इन तस्करों के पास सस्ते दामों पर शराब उपलब्ध होती है! यह असमान मूल्य स्थिति ही तस्करों के लिए अवसर उत्पन्न करती है! सरकारी दुकानों में बिकने वाली शराब की कीमतों में इतना अंतर होता है! कि तस्कर आराम से दीगर राज्यों से शराब लाकर उसे बेचते हैं! जिससे न केवल राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है! बल्कि शराब तस्करों के लिए यह अवैध धंधा भी लाभकारी साबित हो रहा है!
ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का विस्तार
अवैध शराब का कारोबार केवल शहर तक ही सीमित नहीं रह गया है! बल्कि यह अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव पसार चुका है! खासकर तखतपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में मध्यप्रदेश से बड़ी मात्रा में शराब लाई जा रही है! और वहां के ग्रामीण इलाकों में इसका बड़े पैमाने पर कारोबार हो रहा है! यह शराब मुख्य रूप से देशी शराब है! और चूंकि आबकारी विभाग के अधिकारी इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे, इस वजह से इस अवैध कारोबार को किसी भी रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ता है!
आबकारी विभाग की उदासीनता
इस अवैध शराब के कारोबार के बावजूद, आबकारी विभाग की टीम लगातार इसकी जानकारी जुटाने में असफल रही है! स्थानीय आबकारी अधिकारियों का यह दावा कि शराब तस्करी नहीं हो रही है! पूरी तरह से खोखला साबित हो रहा है! मगर तखतपुर के आबकारी इंचार्ज कल्पना राठौर का कहना है! कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है! और न ही पुलिस या आबकारी विभाग ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की है! ऐसे में सवाल यह उठता है! कि जब अधिकारियों के पास इस अवैध कारोबार की कोई जानकारी नहीं है! तो वे अपनी जिम्मेदारी को कैसे निभा रहे हैं?
चुनावों में अवैध शराब की तस्करी
यहां तक कि चुनावों में भी अवैध शराब लंबा का कारोबार हुआ! तखतपुर नगर पालिका चुनाव के दौरान, शराब तस्करों ने बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश की देशी शराब की खेप मंगवायी और इसका इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने के लिए किया! यह साबित करता है! कि किस तरह शराब तस्कर न केवल तस्करी करते हैं! बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल भी करते हैं! चुनावी प्रक्रिया में यह अवैध कारोबार और भी अधिक बढ़ता जा रहा है! जो कि राज्य की सरकार और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना है!
राजस्व में नुकसान
हालांकि, आबकारी विभाग यह दावा करता है! कि राजस्व में कोई कमी नहीं हो रही है! परंतु यह तथ्य स्पष्ट है! कि जो शराब यहां खपाई जा रही है! उससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है! इन अवैध कारोबारियों के कारण, न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है! बल्कि यह स्थानीय आबकारी विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है!
निष्कर्ष
बिलासपुर में बढ़ते अवैध शराब कारोबार ने यह साबित कर दिया है! कि जब तक अधिकारियों की जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई जाती, तब तक यह कारोबार फलता-फूलता रहेगा! शराब तस्करों के इस खेल में आबकारी विभाग की नाकामी, शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व के नुकसान का कारण बन रही है! इस मामले में कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है! ताकि इस अवैध कारोबार को रोका जा सके और राज्य को होने वाले राजस्व के नुकसान को कम किया जा सके!
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