
छत्तीसगढ़,,, विद्युत वितरण कंपनी में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की गंभीर मामला सामने आया है! जिसमे अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया का खेल चल रहा है! जहां विभागीय अधिकारी अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर से पहले ही कार्य पूरा करवा लेते हैं! बाद में जब टेंडर प्रक्रिया आती है! तो अन्य ठेकेदारों को डराकर उस कार्य को निर्धारित ठेकेदार को ही सौंप दिया जाता है!

इस प्रक्रिया में सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम बकरकुदा मल्हार वितरण केंद्र का है! जहां एक प्रतिष्ठान “SK ब्रिक्स एंड मैटेरियल्स” को 3.16 लाख रुपये की लागत से बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाना था! लेकिन इस कार्य को टेंडर प्रक्रिया से पहले ही पूरा कर दिया गया था! पूर्व सहायक यंत्री पंकज नरपाल और पूर्व कार्यपालन इंजीनियर राजेश चौहान द्वारा ठेकेदार को 63kva का ट्रांसफार्मर पहले ही उपलब्ध करवा दिया गया था!

बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा इस भ्रष्टाचार का खुलासा होते ही यह पता चला कि टेंडर प्रक्रिया से पहले ही संबंधित कार्य पूरे करवा दिए गए और अधिकारियों ने ठेकेदार से मोटा कमीशन लिया! जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस घोटाले में जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक शामिल हैं! जिससे पूरी प्रक्रिया में करोड़ों का घोटाला होने की संभावना जताई जा रही है!
यदि इस मामले की पूरी जांच की जाती है! तो बिजली विभाग में फैले इस भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हो सकता है! जिससे विभाग की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान हो सकता है!
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