
बिलासपुर,,, प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में शनिवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब एक मुस्लिम युवक द्वारा शिव मंदिर में पेशाब करने की घटना सामने आई!
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार युवक ने सीधे शिवलिंग पर पेशाब करते हुए मंदिर को अपवित्र कर दिया जिसे स्थानीय लोगों ने अपनी आंखों से देखा! इस हरकत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों का गुस्सा भड़क उठा! और देखते ही देखते भारी संख्या में हिन्दू संगठन के लोग इकट्ठा हो गए!
गुस्साई भीड़ ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस्ती के दो घरों में जमकर तोड़फोड़ की! अफरातफरी के बीच आरोपी युवक वहां से भागने की फिराक में था! लेकिन स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उसे पकड़ लिया! गिरफ्तार युवक की पहचान 23 वर्षीय असरफ खान के रूप में हुई है!
घटना सरकंडा के महामाया आईटीआई के पीछे मुरूम खदान की बस्ती में हुई! तनाव बढ़ते देख पुलिस बल की तैनाती की गई है! ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके! पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है!
साथ ही, आम नागरिकों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है! फिलहाल आरोपी हिरासत में है! और आगे की कार्रवाई की जा रही है! इलाके में आगे भी किसी अप्रिय या हिंसक घटना को रोकने के लिए पुलिस ने 4 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है जिनसे भी पूछताछ की जा रही है! वहीं मुस्लिम युवक की इस निंदनीय कृत्य के चलते इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है!
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.27बिलासपुर में “स्टे ऑर्डर आया, बुलडोजर नहीं थमा—पट्टा दिखाते रह गए लोग, घर हुआ तबाह प्रशासन बोला नियम, परिवार बोला जुल्म; मस्तूरी में ‘कानून बनाम बुलडोजर’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा छाया…
Uncategorized2026.04.27बिलासपुर में “फायर ब्रिगेड बनी ‘फ्लाइंग ब्रिगेड’—डिवाइडर पर चढ़ी गाड़ी, पीछे से बलेनो की एंट्री; तेज रफ्तार का खेल, किस्मत अच्छी रही, वरना बन जाता बड़ा हादसा, सड़क पर मचा हड़कंप…
Uncategorized2026.04.27निगम का ‘डबल स्टैंडर्ड’ शो, गरीबों पर बुलडोजर स्पीड, अमीरों पर लीगल ब्रेक; रात नोटिस, सुबह उजाड़, उधर अवैध महल पर पुट्टी-सफेदी जारी! सवाल वही कानून सबके लिए बराबर या रसूख वालों के लिए वीआईपी पास?….
Uncategorized2026.04.27जनआक्रोश सम्मेलन बना “खाली कुर्सी महोत्सव”—नेत्रियां मंच पर, कार्यकर्ता गायब; गुस्से की जगह सन्नाटा गूंजा, फोटो-सेल्फी तक सीमित रहा आयोजन, अंदरूनी खींचतान ने खोली पोल, सवाल वही—जमीन पर कौन, और सिर्फ मंच पर कौन!
