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23 Mar 2026, Mon

फसल की रखवाली या ‘मौत का जाल’? खेत में बिछे करंट वाले तारों से दहशत, परिवार हर पल खतरे में, शिकायत पर दबंग जवाब—“हादसा होगा तब देखेंगे”, प्रशासन खामोश, गांव में मंडरा रहा बड़ा हादसा…

बिलासपुर,,, तखतपुर तहसील के ग्राम अमसेना से एक ऐसा मामला सामने आया है! जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है! यहां एक परिवार हर दिन मौत के साए में जीने को मजबूर है! और इसकी वजह है! खेत के चारों तरफ बिछाए गए करंट वाले तार…

फसल बचाने के नाम पर खतरनाक जाल…


गांव के एक खेत मालिक, बृंदा साहू और उनके बेटे ने अपनी धान की फसल को जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर बिजली प्रवाहित तारों का जाल बिछा दिया…

पहली नजर में यह एक साधारण उपाय लग सकता है! लेकिन हकीकत बेहद खतरनाक है! क्योंकि इन तारों में दिन-रात करंट दौड़ रहा है!

बाल-बाल बचा परिवार…..


शिकायतकर्ता तरुण के मुताबिक, एक दिन सुबह जब वह घर से बाहर निकला तो अनजाने में वह इन करंट वाले तारों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया… उसी वक्त उसे इस खतरनाक जाल का एहसास हुआ… तरुण का परिवार छोटा है! पत्नी, 4-5 साल की मासूम बच्ची और वृद्ध मां घर के आसपास 3-4 और मकान भी हैं! ऐसे में हर पल डर बना रहता है! कि कब कोई अनहोनी हो जाए…


हर वक्त मंडराता खतरा…


सबसे चिंताजनक बात यह है! कि खेत और तरुण का घर आपस में जुड़े हुए हैं! खेत का पानी भी उसी रास्ते से गुजरता है! जहां से लोग आते-जाते हैं!

मवेशियों और ग्रामीणों की जान भी खतरे में….


यह सिर्फ एक परिवार की समस्या नहीं है! गांव में घूमने वाले मवेशी और राहगीर भी हर वक्त इस खतरे के दायरे में हैं! दिन के उजाले में भी करंट का प्रवाह होना स्थिति को और गंभीर बना देता है!


शिकायत पर मिला दबंग जवाब….

जब तरुण ने इस मामले की शिकायत खेत मालिक और उनके बेटे से की, तो जवाब और भी चौंकाने वाला था! उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अभी कोई हादसा या मौत तो नहीं हुआ… जब हो जाएगा तब देखेंगे… यह रवैया न सिर्फ लापरवाही दिखाता है! बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता भी देता है!

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल…


फसल बचाने का यह तरीका अब जानलेवा बन चुका है! अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई… तो यह करंट किसी भी दिन एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है!
गांव अमसेना का यह मामला एक चेतावनी है! लापरवाही और दबंगई मिलकर कैसे मौत का जाल बुन सकते हैं!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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