
बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सट्टे का अवैध कारोबार अमर बेल की तरह फ़ैल गया है! I.P.L (आईपीएल) की तारीख नज़दीक आते ही सटोरियों में हलचल और भी ज्यादा बढ़ गई है! सट्टा किंग भले ही छुप गए हों… लेकिन उनके गुर्गे गली-मोहल्लों, किराए के फ्लैटों और होटलों से बेखौफ होकर सट्टा खिला रहे हैं! और हार्ड कोर गुर्गे वसूली करते है! मीडिया लगातार पुलिस को इस अवैध गतिविधि के प्रति आगाह करता रहा है! इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में क्रिकेट सट्टा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है! हालांकि पुलिस ने विगत माह लगातार सट्टा माफियाओं को पकड क़र जेल की सलाखों में डाला है! लेकिन जमानत मिलते ही फिर से नेटवर्क सक्रिय कर लिया… अधिकांश सट्टा माफिया अंदर बाहर की परवाह नहीं करते और उनका सट्टे का कारोबार बे धडक़ चलता रहता है! पुलिस ने सट्टा माफियाओं के नेटवर्क को अंतिम छोर तक वार कर बंद कराना होगा… तभी युवा पीढ़ी इस कैंसर रोगी बीमारी से दूर हो सकती है! अदालत सट्टा माफिया को तुरंत जमानत दे देती है! जिसके कारण भय और कानूनी डर सट्टा माफियाओं पर खत्म हो गया है!
मोहल्ले सहित पॉश कॉलोनियों में सट्टे का नेटवर्क…
न्यायधानी से राजधानी और बड़े महानगरों की कई पॉश कॉलोनियों में किराए के फ्लैटों से सट्टे का कारोबार चल रहा है! सटोरिए ऑनलाइन एप के जरिए क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं! जिनका सीधा संपर्क इंटरनेशनल खाईवालों से बताया जा रहा है! वे उन्ही के माध्यम से राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अपना नेटवर्क फैलाये हुए हैं! पुलिस सूत्रों के अनुसार, सट्टेबाजों और खाईवालों के तार मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ दुबई तक जुड़े हैं! किसी भी विवाद या रकम फंसने की स्थिति में खाईवाल अपने गुर्गों को सामने कर उनके माध्यम से लोगों को धमकाने में पीछे नहीं रहते…
मोबाइल-लैपटॉप से बिंदास लेनदेन…
सटोरिये मोबाइल, लैपटॉप और महादेव एप के जरिए बिंदास रूप से करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर लेते हैं! सटोरिए इंस्टेंट बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने लगे हैं! जो 5 से 10 मिनट में खुल जाते हैं! वेरिफिकेशन से पहले ही इन खातों में लाखों का लेनदेन कर अकाउंट बंद कर देते है! जिससे ये पुलिस के पकड़ में नहीं आ पते या पकड़ में आने में काफी वक्त लग जाता है! हालांकि अब बैंक वाले भी इन सब बातो को देखते हुए अलर्ट हो गए हैं!
फ्लैट और होटल मुख्य केंद्र…
सटोरिये अब किसी एक ठिकाने से सट्टा संचालित नहीं करते बल्कि जगह बदल-बदल कर अलगअलग कालोनियों या मोहल्लो में किराये का मकान या फ्लैट लेकर अपना काम करते हैं! हाल में ही पकड़े गए अधिकतर सटोरिये इसी तरह से सट्टा संचालित करते मिले थे! मतलब अब सटोरिए हाई-स्पीड इंटरनेट और आधुनिक संसाधनों के साथ किराए के फ्लैटों और होटलों से सट्टा संचालित कर रहे हैं!
सट्टे का नेटवर्क अब शहरों तक सीमित नहीं रहा…
तिल्दा, भाटापारा, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव समेत छोटे कस्बों और गांवों तक खाईवालों के गुर्गे घूम-घूमकर सट्टा खिला रहे हैं! रायपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर और बिलासपुर के बड़े खाईवाल इस पूरे नेटवर्क को आईडी उपलब्ध कराते हैं! पुलिस वालो के पहुंच से दूर भी होते जा रहे हैं! ये
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