
बिलासपुर,,, बिलासपुर के घुटकू-निरतू क्षेत्र स्थित ‘फिल स्टील एंड पावर प्लांट’ में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया… जब वाटर कंटेनर फटने से एक क्रेन ऑपरेटर गंभीर रूप से झुलस गया… हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन मामले को दबाने और उसे मामूली घटना बताने में जुट गया… जबकि सबसे चौंकाने वाला पहलू कोनी थाना पुलिस की देर से प्रतिक्रिया रहा… बताया जा रहा है! कि घटना के कई घंटे बीत जाने और सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची… इस रहस्यमयी चुप्पी ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं! हादसे में घायल 26 वर्षीय आशुतोष कुमार, जो बिहार का निवासी है! को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है! वहीं, प्लांट प्रबंधन ने बयान जारी कर दावा किया कि यह कोई बड़ा हादसा नहीं था! और न ही बॉयलर फटने जैसी घटना हुई है! उनके मुताबिक, ऑपरेटर को केवल हल्की चोट आई है! और वह खतरे से बाहर है!

जबकि इस मामले में अभी तक कोनी पुलिस गंभीर हादसे में अपडेट नहीं है! और ना ही अभी तक दोषियों पर एफ आई आर दर्ज तक नहीं की गई है। वही पूरे मामले में सीएसपी गगन कुमार ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए मजदूर की हालत गंभीर बताई है और कहा कि पूरे पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। वही सूत्र दावा करते है कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते मजदूर 55 फीसदी से ज्यादा झुलसा हुआ है और फ़िल कंपनी प्रबंधन पूरे मामले को मैनेज कर मामले को दबाने में भरकस प्रयास में जुटा हुआ है। वही कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक हादसों में पुलिस की देरी गंभीर लापरवाही मानी जाती है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच जरुरी होती है।
गौरतलब है कि फैक्ट्रियों में लगातार हो रहे हादसों के बाद बिलासपुर DIG/SSP रजनेश सिंह ने करीब एक हफ्ते पहले मार्च महीने में औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए फैक्ट्री संचालकों की बैठक लेते हुए सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के निर्देश दिए थे।
जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों और आगजनी की घटना पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी, तिफरा, सिलपहरी और कोनी क्षेत्र के फैक्ट्री मालिकों और संचालकों की आपात बैठक ली. उन्होंने बैठक में आए सभी उद्योगों के संचालकों को दो टूक कहा कि मुनाफा कमाएं, लेकिन कर्मचारियों की जान की कीमत पर नहीं. सुरक्षा मानकों को पूरा करना उनके लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य है. एसएसपी ने निर्देश दिए थे कि सुरक्षा मानकों में कोताही बरतने वाली फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. फैक्ट्री में कार्यरत हर स्टाफ की सुरक्षा के लिए हेलमेट, ग्लव्स, जूते और रेडियम जैकेट मुहैया कराना अनिवार्य है. कोई भी कर्मचारी शराब पीकर काम पर न आए, इसके लिए गेट पर ब्रीथ एनालाइजर मशीन रखे. फैक्ट्री के अंदर, बाहर और मुख्य मार्ग को कवर करते हुए हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए. लगातार हो रही आगजनी को देखते हुए हर यूनिट में पर्याप्त फायर एक्सटिंगिवीशर और अग्निशमन यंत्र वर्किंग कंडीशन में होने चाहिए. एसएसपी ने जांच में उद्योगों के भीतर सुरक्षा मानकों से लेकर किसी भी तरह की न्यूसेंस मिलने पर उद्योग के संचालक समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
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