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18 Apr 2026, Sat

सकरी जेवर कांड में प्रेस वार्ता से बढ़ी तकरार आरोपों की बौछार के बाद पुलिस हरकत में बेटे समेत चार आरोपी फंसे फजीहत के बीच खुला चोरी का राज कुसंगत और लालच ने घर की तिजोरी ही कर दी साफ….

बिलासपुर,,, पक्ष- विपक्ष के प्रेस वार्ता और पुलिस पर लग रहे… आरोपों से मची फजीहत के बाद आखिरकार सकरी पुलिस ने आसमां सिटी के चर्चित लाखों रुपए के जेवरात चोरी और अदला बदली कांड में आवेदक सतीष मिश्रा के पुत्र और उसके साथियों समेत चार आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया…
आसमा सिटी निवासी सतीष मिश्रा ने गत 25 फरवरी 2026 को थाना सकरी में आवेदन प्रस्तुत कर बताया था…! कि उनके घर के लॉकर से करीब 75 से 80 लाख रुपए कीमत के सोने के जेवरात गायब हो गए हैं! ये जेवर उनकी दिवंगत माता, पत्नी और भाभी के थे…! उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे प्रणव मिश्रा पर उनके दोस्तों ने पहले खिलाने- पिलाने में खर्च किया… फिर खर्च किए गए रकम को उधार बता उस पर घर से जेवर चोरी कर लाने कहा… वे लोग बदले में नकली सोना रखवा उससे असली सोना मंगवाए… आरोप है! कि प्रणव ने अपने मित्र तनय राय की मदद से चोरी किए गए… सोने को अलग-अलग समय पर गोपाल सान्धरा उर्फ बंगाली दादा को करीब ढाई लाख रुपए में बेच दिया… इसके बाद भी पैसों की जरूरत पड़ने पर प्रणव ने तनय राय के साथ मिलकर कुछ जेवर प्रियांशू पानीकर को लगभग 80 हजार रुपए में बेच दिए… आरोप है! कि तनय राय, गोपाल सान्धरा और प्रियांशू पानीकर ने चोरी के जेवरों को जानते हुए भी कम कीमत पर खरीदा और आरोपी की नासमझी का फायदा उठाया… इस दौरान सकरी पुलिस पर भी गम्भीर आरोप लगे… दोनो पक्ष ने प्रेस वार्ता कर एक दूसरे और पुलिस पर भी आरोप लगाए…
लगातार हो रही फजीहत के बाद आखिरकार सकरी पुलिस ने प्रार्थी के पुत्र प्रणव मिश्रा,तनय राय, गोपाल सान्धरा और प्रियांशू पानीकर के खिलाफ धारा 3(5), 303(2) एवं 317(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है!
इस घटना ने पारिवारिक विश्वास और युवा पीढ़ी के कुसंगत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं!

लइका पकड़ैया टाइप चल रहा कारोबार….

माता-पिता के नौकरी और कारोबार के चलते बच्चों पर ध्यान न दे पाने का फायदा शहर के लइका पकढ़ैया टाइप के लोग उठा रहे… ये लोग अपने बियाबान बाड़ियो और फार्म हाउस में बड़े कामकाजी घरों के बच्चों को बिठा उनमें नशे और जुआ की लत सीखा उन पर कर्जा चढ़ा इसी ढंग से वसूली करते है! ऐसे और भी मामले पहले सामने आ चुके हैं! कुछ मामलों में तो मौतें भी हो गई…. लेकिन सामने वाले के रसूख और अपनी पारिवारिक स्थिति के कारण उन्हें मन मारकर ये आघात और ये सब कुछ सहना पड़ा…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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