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11 Mar 2026, Wed

NEET परीक्षा में व्यापक गड़बड़ी की जाँच व परीक्षा रद्द करने की माँग को लेकर NSUI ने सौपा कलेक्टर को ज्ञापन

बिलासपुर।पिछले 04 जून को घोषित NEET की परीक्षा परिणामों को लेकर पूरे देश के छात्र,,छात्राओं में असंतोष व्याप्त है और इनके एग्जाम में धांधली का आरोप लगाया जा रहा है। इस परीक्षा परिणामों की जांच एवम परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आज NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा एवम जिलाध्यक्ष तनमीत छाबड़ा के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौपा गया है। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने कहा कि नीट परीक्षा के एग्जाम में अनेकों तरीके की धाँधली हुई है जिससे मुख्य रूप से साझा किया गया है। हम आपको बताना चाहते हैं कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का कहना है कि जो नीट की परीक्षा परिणाम सामने आए हैं उससे पूरे देश के छात्रों में आक्रोश का माहौल है। ज्ञात हो कि पिछले 4 जून 2024 को पूरे देश में नीट की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ है जो कि नीट परीक्षा के एग्जाम में अनेकों तरीके की धाँधली हुई है जिससे मुख्य रूप से साझा किया गया है हम आपको बताना चाहते हैं कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का कहना है कि जो नीट की परीक्षा परिणाम सामने आए हैं उससे पूरे देश के छात्रों में आक्रोश का माहौल है अभी तक अनेकों छात्र छात्राएँ आत्मदाह कर चुके हैं और इनका निष्पक्ष रूप से जाँच नहीं करना आत्मदाह का कारण बन रहा है लगभग पूरे देश में 24 लाख छात्र छात्राएँ परीक्षा में बैठे थे जिसमें छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हज़ार परीक्षार्थी नीट नह 2024 की परीक्षा में बैठे थे परीक्षा परिणाम स्वरूप एनएसयूई का सवाल यह है कि छ। ने 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए इसका आधार क्या है और इससे स्पष्ट किया जाए यदि ग्रेस मार्क्स का प्रावधान बनाया गया है तो यह देश के छात्रों को सूचित क्यों नहीं किया गया है।

लक्की मिश्रा ने कहा कि हमारा आरोप यह भी है कि नीट का पेपर 720 अंक का होता है हर सवाल क 4 अंक होते हैं हर गलती के एक अंक कटते हैं अगर ऐसे में कोई एक सवाल छोड़ देता है तो उसे 716 अंक मिलेगा यदि कोई एक सवाल गलत करता है तो उसे 715 अंक मिलेगा ऐसे में 718 और 719 अंक पाना असंभव है ऐसी बढ़ी त्रुटियां इन्होंने नीट की परीक्षा में अनेकों की है जिसका साक्ष्य है।पूरे देश में 67 छात्रों का नंबर सेग आया है। जो कि असंभव है।

पूरे देश में एक ही केंद्र को पाच छात्रों का नंबर पीछे कैसे हुआ जबकि नाम अल्फा बेट आगे (अंजलि, जानवीप्रतीक, यश, विशाल) से कैसे आया और रोल। नंबर आगे पीछे था ।

जब ऐसा कोई नियम है ही नहीं तो ग्रेस मार्क्स कैसे मिला। हर वर्ष 15 दिन पहले उतर पुस्तिका जारी होने के बाद रिजल्ट आता था इस बार दो दिन में रिजल्ट आ गया।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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