
बलौदाबाजार,,, हिंसा मामले में गिरफ्तार भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव को कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। बता दें कि आज मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उनकी पेशी हुई। जिला सत्र न्यायालय बलौदाबाजार में माननीय जज अजय खाखा के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही उनकी न्यायिक रिमांड को 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब विधायक देवेंद्र यादव को 27 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा।
इसके पहले प्रदेश प्रभारी ऑर्र पूर्व उपुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बयान जारी कर कहा था कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में हुई घटना ने पूरे देश में लोगों के मन में भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था को ले कर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने में पूरी तरीके से असमर्थ रही है।
जनता के सवालों के दबाव में आ कर, इस विफलता को छिपाने के लिए कल कांग्रेस के दो बार के युवा विधायक और भिलाई नगर के पूर्व महापौर, देवेंद्र यादव को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस अपनी जांच में अभी तक यह नहीं साफ कर पाई है की जो भाजपाई नेता घटना स्थल पर मौजूद थे और हिंसा भड़काने का काम कर रहे थे, उन्हें क्यों बचाया जा रहा है। घटना स्थल पर लचर कानून व्यवस्था के लिए किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या मंत्री को अभी तक जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
यह प्रदेश की जनता को पता है की अगर सतनामी समाज को ठेस पहुंचाने वाले कारनामों की उचित समय पर जांच की जाती और आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया होता, तो बलौदाबाज़ार जैसी घटना घटने की परिस्थितियां ही नहीं पैदा होती।
कांग्रेस पार्टी इस लापरवाह एवं पक्षपातपूर्ण रवैये की कड़ी आलोचना करती है। देश प्रदेश की जनता और न्यायालयओं के समक्ष कांग्रेस पार्टी तथ्यों को ज़रूर रखेगी। सतनामी समाज के साथ कांग्रेस पार्टी हमेशा से खड़ी रही है और आगे भी खड़े रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि 20 अगस्त को विधायक दल की बैठक में रणनीति बनाई जायेगी और 21 अगस्त को गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश स्तरीय जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि बलौदाबाजार के मामले में साय सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है। कांग्रेस के विधायक देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है। यह विपक्ष को बदनाम करने की साजिश है। विधायक देवेन्द्र यादव बलौदाबाजार में न भाषण दिये और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुये। वे भीड़ में पांच मिनिट रूक कर वापस आ गये थे। कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं और न ही वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है।
देवेंद्र यादव मामले में इत्वर को काँग्रेस भवन मे पीसी भी हुई थी.जिसमे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार, पुलिस बताये किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया, पूछताछ की गयी। कांग्रेस के किन नेताओं का नाम है, हम खुद पूछताछ के लिये लेकर आयेंगे। न्याय संगत कार्यवाही होनी चाहिये।
भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है। पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है। विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया। सरकार बनते ही पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ झूठा मुकदमा ईओडब्ल्यू में दर्ज किया। बलौदाबाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्हांकित करके उनको जेलों में डाला गया।
कांग्रेस भाजपा सरकार के इस आताताई चरित्र से डरने वाली नहीं। इस प्रकार के कृत्यों से हमारा कार्यकर्ता और मजबूती से सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठायेगा।
बलौदाबाजार में हुई आगजनी की भयावह घटना शासन प्रशासन की बड़ी लापरवाही व सरकार की इंटेलीजेंट के फैल हो जाने के कारण हुई। समय रहते सरकार व प्रशासन सचेत हो जाता व समाज के द्वारा सीबीआई जांच की मांग को पूर्व में ही मान लेता तो प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना से बचा जा सकता था।
पूरी घटना के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है। लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है।
साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती। इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच हो। धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमिशन दिलाने वाला कौन था? रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माइक के लिए रुपयों की व्यवस्था किसने किया? इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? नागपुर से 250 से अधिक लोग आये थे वो कौन थे? सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखा था? रैली की शुरूआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया? भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई? आम जनता के वाहन जलाये जा रहे थे, लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी? एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गये?
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस के हमारे नेता देवेंद्र यादव को षड्यंत्र पूर्वक फंसाने के लिये इतनी सारी धाराएं लगाई है। इस गिरफ्तारी की हम निंदा करते है। हम सब देवेन्द्र यादव के साथ है क्योकि देवेन्द्र यादव के साथ कोई अप्रत्याशित घटना न हो। बीजेपी की सरकार षड्यंत्र के तहत कार्यवाही कर रही है।
कल प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज उनके निवास में गये थे जहां देवेन्द्र यादव को पूछताछ करने के लिये पुलिस आई थी और फिर गिरफ्तार करके ले गयी। भाजपा की सरकार कांग्रेस के नेताओं को परेशान कर रही है। देवेन्द्र यादव को बिना किसी साक्ष्य के गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के पास कोई साक्ष्य हो तो प्रस्तुत करे। विपक्ष चुप बैठने वाला नहीं है। बलौदा बाजार की घटना की निष्पक्ष जांच करवाने में सरकार विफल है। भाजपा की सरकार कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है। 20 तारीख को विधायक दल की बैठक होगी इसमें रणनीति बनाई जायेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ कि कलेक्टर एवं एसपी आफिस जला दिये जाते है। 10 जून की घटना को लेकर पूरे 67 दिन बाद देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी हुआ है। धाराएं इतना है कि जांच अधिकारी जितना लिख सकता था उतना लिखा। भाजपा ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया। भाजपा अपनी नाकामी को छुपाने के लिये ऐसी कार्यवाही कर रहे है। पुलिस जो धारा लगायी है उनको साक्ष्य दिखाना चाहिये। षड़यंत्रपूर्वक गलत धाराओं के तहत देवेन्द्र यादव के ऊपर 20 धाराओं के ऊपर कार्यवाही की गयी है। यह सरकार की हताशा को बताता है। पुलिस को बताना चाहूंगा कि सरकार तो आती जाती रहती है ऐसा कोई काम न करे कि वो नजरे ना मिला सके। पुलिस पूछताछ कर रही थी फिर गिरफ्तार कर ले आई। क्योकि यह कार्यवाही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के संरक्षण में हुआ है। इस मामले में विधायक दल की बैठक और 21 तारीख को सभी जिलों में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। देवेन्द्र यादव ने कोई अपराध नही किया इतने सारे धाराये जबरदस्ती लगा दिये है। समाज ने सीबीआई जांच की मांग किया हैं तो सरकार क्यो सीबीआई जांच नही करवाती है। छोटी-छोटी घटनाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा की गयी है तो इतनी बड़ी घटना जिसमें एक समाज के प्रतीक चिन्ह को तोड़ा गया। एक जिले के कलेक्टर, एसपी कार्यालय को जला दिया गया उसकी सीबीआई जांच करवाने में क्या परहेज है। हम सबने वर्तमान जज की देखरेख में जांच कराने कहा क्यों नहीं करवाया गया?
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.03.13विधानसभा में गूंजी अपोलो की ‘डायलिसिस राजनीति’: भुगतान अटका तो सेवा बंद, मरीज परेशान; अटल श्रीवास्तव और सुशांत शुक्ला के तीखे सवालों से सरकार घिरी, मंत्री बोले—7 पत्र लिखे फिर भी आयुष्मान योजना में शामिल नहीं हुआ अस्पताल…
Uncategorized2026.03.13डीजे की धुन पर पुलिस का ब्रेक!
तेज आवाज और प्रतिबंधित लेजर लाइट पर बिलासपुर पुलिस का एक्शन, शहर के तीन थाना क्षेत्रों में छापे; 24 लेजर लाइट जब्त, 10 लोगों पर कार्रवाई, डीजे संचालकों और दुकानदारों में मचा हड़कंप…
Uncategorized2026.03.13न्यायधानी की यूनिवर्सिटी में फिर सनसनी! सीवी रमन कैंपस से बी-फार्मा छात्र रहस्यमयी ढंग से लापता, 7 लाख ट्रांजेक्शन, साथियों से विवाद और सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल; रोते-बिलखते परिजन पहुंचे बिलासपुर, प्रबंधन पर गंभीर आरोपों से मचा बवाल…
Uncategorized2026.03.13चप्पल चली, बाजार थम गया! गणेश चौक में सरेआम युवक की धुनाई, कैमरे में कैद हुआ तमाशा…
