Breaking
31 Jan 2026, Sat

मास्टर चैट आई’ ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी: अंडा भजिया वाले का वीडियो आया सामने, सैकड़ों लोगों को बनाया शिकार…

बिलासपुर,,,डिजिटल युग में, मोबाइल ऐप्स ने हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन कई बार ये तकनीक धोखाधड़ी का माध्यम भी बन जाती है। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर के तिफरा से सामने आया है, जहां ‘मास्टर चैट आई’ नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी का पर्दाफाश हुआ है। इस घोटाले में मुख्य आरोपी मिर्जा बशीर बेग है, जो बाजार चौक तिफरा में एक अंडा भजिया की दुकान चलाता है। बेग ने अपनी साधारण पहचान का लाभ उठाते हुए लोगों को निवेश के नाम पर ठगा! मिर्जा बशीर बेग ने ‘मास्टर चैट आई’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन का सहारा लेकर लोगों को धन कमाने का सपना दिखाया। उसने वीडियो के माध्यम से यह प्रचार किया कि इस ऐप में निवेश करने से लोग हर दिन उच्च रिटर्न कमा सकते हैं। शुरुआत में उसने ₹680 के छोटे निवेश के बदले में हर दिन ₹24 की कमाई का वादा किया। इस लालच से लोग ऐप में जुड़ने लगे। स्कीम का प्रचार व्हाट्सएप और मोबाइल लिंक के माध्यम से भी किया गया, जिससे यह घोटाला तेजी से फैलने लगा!
इसके बाद, मिर्जा बेग ने बड़े निवेशकों को अधिक लालच दिया, जहां ₹3 लाख का निवेश करने पर हर दिन ₹35 हजार तक मिलने का वादा किया गया। शुरूआत में कुछ निवेशकों को नियमित रिटर्न दिया गया ताकि उनका भरोसा जीता जा सके और वे और अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित हो सकें। जैसे ही लोगों ने रिटर्न मिलते देखा, वे इस धोखाधड़ी के जाल में फंसते चले गए।
लोगों को आकर्षित करने और विश्वास जीतने के लिए मिर्जा बशीर बेग ने कई चालाकियाँ अपनाईं। एक बड़ा होटल किराए पर लेकर वहां नोटों की नुमाइश की गई और लोगों को यह दिखाया गया कि ऐप से कमाए गए पैसे उनके सामने रखे जा रहे हैं। इसी तरह, जो लोग निवेश करने के लिए आते थे, उन्हें एक हजार रुपये का उपहार भी दिया गया ताकि उनका विश्वास और मजबूत हो सके।
बेग ने इस पूरे घोटाले को व्यवस्थित तरीके से चलाया, जहां उसकी साधारण पृष्ठभूमि और अंडा भजिया बेचने वाले की छवि ने लोगों को झांसे में लेने में मदद की। लोगों को यह यकीन था कि एक साधारण दुकानदार इतना बड़ा घोटाला नहीं कर सकता, और इस विश्वास ने उन्हें और भी अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया!
घोटाले का असली चेहरा तब सामने आया, जब निवेशकों को उनके पैसे मिलना बंद हो गए और ऐप ने अचानक काम करना बंद कर दिया। लोग जब अपने पैसे वापस लेने की कोशिश करने लगे, तो उन्हें ऐप से कोई जवाब नहीं मिला। धीरे-धीरे सैकड़ों लोग सामने आए, जिन्होंने मिर्जा बशीर बेग पर करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया।
जैसे-जैसे यह मामला बढ़ा, पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि इस पूरे घोटाले के पीछे एक सुनियोजित योजना थी, जिसमें बशीर बेग ने लोगों के लालच का फायदा उठाया। अब तक के अनुमानों के मुताबिक, ‘मास्टर चैट आई’ ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है और इस घोटाले में शामिल और भी कई लोग जांच के घेरे में हैं।
यह घोटाला उन सभी के लिए एक चेतावनी है, जो बिना सोचे-समझे निवेश के लिए लालच में आ जाते हैं। ‘मास्टर चैट आई’ जैसे ऐप्स न केवल लोगों के पैसे हड़प लेते हैं, बल्कि उनके सपनों को भी तोड़ते हैं। इस मामले से यह सबक लिया जा सकता है कि किसी भी निवेश योजना में कूदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, विशेषकर तब, जब अत्यधिक लाभ का वादा किया जा रहा हो।
सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी इस प्रकार की धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि आम जनता को ऐसे जाल में फंसने से बचाया जा सके।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed