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77 लाख के F.D.R. कांड में निगम कमिश्नर का यू टर्न, फिर काहे का जुर्माना….

नेतागिरी के चक्कर मे और फदकता जा रहा मामल

बिलासपुर,,, स्मार्ट सिटी लिमिटेड के 77 लाख रुपये के F.D.R कांड का फतका बन गया है! सवाल यह उठ रहा कि जब जांच में एक्सपायर्ड F.D.R.को हटाकर उसकी जगह नया F.D.R. जमा कराया गया है! तो ऐसे ईमानदार और बपुरे ठेकेदार पर 16 लाख की पेनाल्टी और R.B.I. को चिट्ठी क्यो!
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव स्मार्ट सिटी के फंड में गफलत के आरोपो की जांच कराने की बात कह चुके है! इसके बावजूद 77 लाख के F.D.R. कांड का मुद्दा इन दिनों चर्चा में है! स्मार्ट सिटी के अफसर और कर्मचारी फिर सन्देह के दायरे में है! मिली भगत के आरोप लग रहे!

ये है मामला

दरअसल मामला स्‍मार्ट सिटी फंड से नाला निर्माण का है! टेंडर निकाला गया जिस चर्चित ठेकेदार ने कम रेट पर टेंडर जमा किया! नियम के तहत उस ठेकेदार से 77 लाख का F.D.R.जमा कराया गया ताकि, टेंडर की शर्तों के अनुरूप निर्माण हो और काम पूरा हो!

अमित कुमार निगम आयुक्त

बताया जा रहा कि ठेकेदार ने काम पूरा ही नहीं किया और अधिकारियों से मिलकर टेंडर वापस ले काम ही छोड़ दिया वो भी मौखिक तौर पर जब इसी काम का रिटेंडर करने कवायद शुरू की गई तो पता चला कि ओरिजनल F.D.R. ही गायब है!

अमित कुमार निगम आयुक्त

उसकी जगह हूबहू ऐसा ही दस्तावेज फाइल में लगाया गया है! मिलीभगत कर F.D.R.को भुनाने के भी आरोप लगे! मामला उजागर होने के बाद टीम गठित कर इसकी जांच भी कराई गई! अब बताया जा रहा कि F.D.R.गायब नही हुआ बल्कि एक्सपायर होने के कारण उसे हटाकर नया F.D.R.जमा किया था!
भला ये कौन सा अपराध है! कि फिर इस मामले में उस चर्चित व ईमानदार ठेकेदार पर 16 लाख की पेनाल्टी क्यो! फिर क्यो संबन्धित बैंक से निगम और स्मार्ट सिटी के सभी बैंक खातों को बन्द कर उक्त बैंक के खिलाफ R.B.I. को पत्र भेजा गया ये बात कुछ हजम नही हो रही!

फिर ये भी कमाल

अधिकारी अब ये भी बता रहे कि रोड में अतिक्रमण होने के वजह से प्रोजेक्ट के काम मे एक साल विलंब हुआ! तो सवाल यह उठ रहा कि जब साइट ही ओके नही थी! तो तकनीकी स्वीकृति कैसे दे दी गई! अधिकारियों का कहना है! कि आगे ऐसे कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए अब S.O.P. बनाया गया है!
निगम के लेखा शाखा का हाल भी कुछ ऐसा ही है! लेखाधिकारी है! वित्ताधिकारी और ऊपर से 80 हजार मासिक के निजी C.A. इसके बाद ऐसी गड़बड़ी सामने आ रही है! अभी तक तो ये तीनो ही निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड का लेखाजोखा देख रहे थे! अभी हाल ही में तो स्मार्ट सिटी के दफ्तर को विकास भवन से तारबाहर के कमांड सेंटर बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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