जहाँ डेयरी जाने को राज़ी नहीं, वहाँ बस गई कॉलोनियाँ—गोकुल धाम योजना ठप, अफसर नदारद, जमीन कारोबारी वामनावतार बन उभरे, वीराने में मकान तने, दाम आसमान छूने लगे…
बिलासपुर,,, अमेरी की जिस भूमि में मवेशी तक रहना पसंद नही करते थे! मतलब कोई डेयरी संचालक जाने…
