Wed. Oct 21st, 2026

दो साल की सरकार, अधूरी मोदी गारंटी, सड़कों पर शिक्षक, 33 जिलों में हल्लाबोल, वेतन-विसंगति, पेंशन और सेवा गणना पर उबाल, अंतिम अल्टीमेटम, मांगे नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन, हड़ताल तय, सरकार जिम्मेदार बनेगी चेतावनी अब आंदोलन नहीं रुकेगा शिक्षक…

बिलासपुर,,, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक साथ शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया… 4 सूत्रीय मांगों को लेकर हुए इस प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन में हजारों की संख्या में शिक्षक शामिल हुए… बिलासपुर में शिक्षकों ने कोन्हेर गार्डन में धरना देकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की…

वेतन विसंगति और अधिकारों को लेकर उबाल…


धरने के दौरान शिक्षकों ने पेंशन, वेतन विसंगति, क्रमोन्नत वेतनमान और सेवा गणना जैसे मुद्दों को लेकर अपना रोष खुलकर जाहिर किया… वक्ताओं ने कहा कि यह कोई अतिरिक्त मांग नहीं… बल्कि शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है! जिसे वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा है!
जिला अध्यक्ष सुनील पांडे ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने मोदी की गारंटी की तरह शिक्षकों से वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया था! सरकार बने दो साल पूरे हो चुके हैं! लेकिन शिक्षकों की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है! यह सीधा-सीधा वादाखिलाफी है! जिससे शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं!

चार सूत्री मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा…

फ़ीड संग्रह और सामाजिक बुकमार्किंग
शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी… कि यह एक दिवसीय धरना सिर्फ शुरुआत है! यदि शासन ने 4 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई… तो आंदोलन अनिश्चितकालीन और उग्र रूप लेगा… जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी…!
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुर्रे ने कहा कि VSK ऐप के जरिए निजी मोबाइल से उपस्थिति दर्ज कराना शिक्षकों की निजता का उल्लंघन है! और यह सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है! शासन अलग से उपस्थिति डिवाइस उपलब्ध कराए…
प्रदेश सलाहकार रंजीत बनर्जी ने कहा कि जिन पुराने शिक्षकों की नियुक्ति के समय TET की शर्त नहीं थी! उन पर जबरन अनिवार्यता थोपना अन्याय है! जिसे तत्काल समाप्त किया जाए…!

सेवा गणना और वेतनमान बना संघर्ष का बड़ा मुद्दा….

प्रांतीय प्रवक्ता चंद्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए… और पूर्व सेवा काल की गणना पूरी सेवा में शामिल की जाए… ताकि हजारों शिक्षकों को उनका हक मिल सके…!

आंदोलन सरकार के लिए चेतावनी है!…

शिक्षक नेता वीरेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेशभर के शिक्षक एकजुट हैं! और अपने अधिकारों के लिए अंतिम लड़ाई के लिए तैयार हैं! यदि मांगें नहीं मानी गईं… तो यह आंदोलन व्यापक और निर्णायक होगा…!
चंद्रप्रकाश तिवारी ने कहा कि सभी शिक्षक धरना प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचेंगे… मुख्यमंत्री के नाम शासन प्रशासन को अपना मांग पत्र देंगे… यदि शासन प्रशासन ने हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया… तो संगठन के सभी नेता विचार विमर्श के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन और हड़ताल की रणनीति तैयार करेंगे बावजूडिस के हमें उम्मीद है! कि सरकार अपनी बातों को निभाएगी…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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