
बिलासपुर,,, कांग्रेस पार्टी के नामांकन रैली में मंगलवार को पूर्व नगर विधायक शैलेश पांडेय का नदारद होना चर्चा का विषय बन गया! रैली के दौरान पार्टी समर्थक जोश-खरोश से नारे लगा रहे थे! लेकिन कुछ लोगों ने एक-दूसरे से सवाल करना शुरू कर दिया कि “काबर रिसाये हे दामाद बाबू दुलरू?” ऐसा लगता है!कि यह सवाल पूर्व विधायक के रैली में न आने को लेकर उठ रहा है!
नामांकन रैली के दिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी ताकत दिखाने के लिए जोरदार रैलियां निकाली थी! कांग्रेस के समर्थकों ने बड़ी धूमधाम से नारेबाजी की, और रैली में चिल्लाते हुए कहा, “शहर का विधायक कैसा हो, फलाने भैया जैसा हो!” इस दौरान कुछ समर्थकों को यह जानने की कोशिश करते देखा गया कि “ओरिजनल वाले पा गए हस का?” यानी क्या शैलेष पांडेय रैली में नहीं आए, इसका कुछ खास कारण है?
चर्चा का केंद्र बिंदु यह भी रहा कि पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने आखिरकार रैली में क्यों हिस्सा नहीं लिया? क्या यह उनके द्वारा पार्टी नेतृत्व को कोई खास संदेश देने का तरीका था? कहीं न कहीं यह संकेत मिल रहा है! कि शैलेश पांडेय और दामाद बाबू दुलरू के बीच कुछ खटास हो सकती है! फिलहाल, यह सवाल सभी के मन में उठ रहा है! कि क्या शैलेश पांडेय ने अपनी अनुपस्थिति से यह संदेश दिया कि वह दामाद बाबू को लेकर किसी प्रकार की नाराजगी महसूस कर रहे हैं?
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