
बिलासपुर,,, केंद्र सरकार की उज्जवला गैस योजना, जो बीपीएल परिवारों के लिए शुरू की गई थी! अब पूरी तरह से विफल साबित हो रही है! योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को लकड़ी के चूल्हों से छुटकारा दिलाना था! लेकिन योजना का लाभ लेने के बाद भी अधिकांश ग्रामीण हितग्राही गैस सिलेंडर नहीं भरवा रहे हैं! इससे स्पष्ट होता है! कि योजना का असल फायदा गांवों तक नहीं पहुंच पाया है!

वर्ष 2016 में केंद्र सरकार के द्वारा शहर और ग्रामीण अंचलों में निवासरत बीपीएल हितग्राही को लकड़ी चूल्हे से निजात दिलाने के लिए उज्जवला गैस योजना प्रारंभ की गई थी! इस योजना के तहत देशभर में करोड़ हितग्राहियों को योजना से जोड़ा गया इसके बाद कुछ महीनो तक तो हितग्राहियों ने योजना का लाभ लिया लेकिन धीरे-धीरे इस योजना से आवे दूरी बनाने लगे हैं! मौजूदा स्थिति में ये हाल है! कि शहर में तो योजना का लाभ हितग्राही ले रहे हैं! लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह महज 10 से 20%तक सिमट कर रह गया है! पिछले तीन सालों का ही आंकड़ा उठा कर देखें तो शहरी क्षेत्र में जहां प्रति 100 सिलेंडर में 95 लोगों ने योजना का लाभ लिया है! तो ग्रामीणों क्षेत्र में यह 5 से 10 सिलेंडर का ही रहा है!
जो दर्शाता है! कि ग्रामीणों को आज भी लकड़ी के चूल्हों में खाना बनाने की व्यवस्था है! हालांकि पिछले साल छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की थी! कि बीपीएल परिवारों को गैस सिलेंडर में 500 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी मौजूदा समय में आम उपभोक्ता को 892 रुपए में सिलेंडर प्राप्त होता है! जिसमें सब्सिडी के तौर पर उसके खाते में 69 रुपए प्राप्त होते हैं! जबकि उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल हितग्राहियों को यह राशि 367 रुपए की प्राप्त होती है! इस पर अगर छत्तीसगढ़ सरकार भी सिलेंडर पर ₹500 की सब्सिडी दे देती है! तो उन्हें सिलेंडर महज ₹25 का आएगा अब जरा सोचिए एक ही देश में किस तरह से दो वर्गों में सरकार ने गैस सिलेंडर को बांट दिया है! अगर आप एपीएल परिवार है! तो आपको केवल ₹69 की सब्सिडी मिलेगी लेकिन अगर आप बीपीएल हितग्राही हैं! तो छत्तीसगढ़ शासन और गैस में मिलने वाली सब्सिडी को जोड़कर केवल ₹25 ही देने होंगे ऐसे में एक ही देश में दो तरह की योजना चलाना कहीं से भी उचित नहीं लगता गैस सिलेंडर उन जरूरी वस्तुओं में से एक है! जो रोजमर्रा की चीजों में बेहद जरूरी है! लेकिन एक के लिए पूरी राशि और दूसरों को मुफ्त में देना कहां से उचित है! जाहिर तौर पर इस तरह के योजनाओं को बनाने से पहले एक बार सभी के बारे में सोचना चाहिए! क्योंकि एपीएल परिवारों में भी कई ऐसे परिवार है! जिन्हें इस तरह की सब्सिडी की जरूरत होती है! लेकिन न जाने क्यों सरकार केवल योजनाएं बीपीएल परिवारों के लिए ही बनती है! जिसमें कई तो ऐसे होते हैं! जिन्हें इसकी जरूरत भी नहीं होती लेकिन केवल शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए वे बीपीएल हितग्राही बनाकर इसका लाभ उठाते हैं!
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