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21 Jan 2026, Wed

कांग्रेस नेता के पुत्र और उसके साथी आदतन बदमाशों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल, थानेदार की भूमिका संदिग्ध…

बिलासपुर,,,  बिलासपुर के तोरवा थाने में कांग्रेस नेता के पुत्र और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं! एक ओर जहां पीड़ित ने मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया! वहीं दूसरी ओर पुलिस ने एफआईआर में कांग्रेस नेता के पुत्र का नाम हटा दिया! यह मामला अब राजनीति और पुलिस की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है!

पीड़ित सुगम निषाद ने 27 फरवरी को तोरवा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी! जिसमें उसने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के पुत्र अविनाश सोनकर उर्फ दद्दू और उसके साथी अमितेश राय ने उसे कैफे एरिना स्नूकर क्लब में घेर कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी! इसके बाद जब पीड़ित ने पुलिस से मदद मांगी, तो उसे कोई ठोस कार्रवाई नहीं मिली!

इस मामले को लेकर जब पीड़ित ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी! तब पुलिस कप्तान ने मामले में कार्रवाई का आदेश दिया! इसके बाद, पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया! लेकिन इसमें कांग्रेस नेता के पुत्र का नाम नहीं शामिल किया गया! जबकि सीसीटीवी फुटेज में वह अपराध में शामिल दिखाई दे रहा है!

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अब यह सवाल उठ रहा है! कि आखिर किसके दबाव में पुलिस ने कांग्रेस नेता के पुत्र को बचाया और क्यों थानेदार ने जानबूझकर उसकी भूमिका को नजरअंदाज किया! इस पूरे घटनाक्रम से यह प्रतीत हो रहा है! कि राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस ने जानबूझकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ा!

पीड़ित ने पुलिस कप्तान से न्याय की गुहार लगाई है! लेकिन सवाल यह है! कि जब पुलिस कप्तान ने कार्रवाई का आदेश दिया था! तो थानेदार ने कांग्रेस नेता के पुत्र को एफआईआर से क्यों हटा दिया! यह मामला अब राजनीतिक दबाव और पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चा का विषय बन गया है!

अब यह देखना यह होगा कि पुलिस कप्तान और उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं! और पीड़ित को न्याय दिलाने में पुलिस कितनी गंभीर होती है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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