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3 Feb 2026, Tue

बिना अनुमति चल रहे अवैध हॉस्टलों पर प्रशासन बेपरवाह, सुरक्षा और नियमों की उड़ रही धज्जियाँ…


बिलासपुर,,, शहर के गली-मोहल्लों में नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से हॉस्टल चलाए जा रहे हैं! जिनका नगर निगम में रजिस्ट्रेशन तक नहीं है! जिला प्रशासन और पुलिस भी बेपरवाह है! जबकि पिछले कुछ सालों में यहां कई अप्रिय घटना हो चुकी है! निगम अधिकारी मामले में रिकॉर्ड बनाना तो दूर यह जानते तक नहीं है! कि कहां कितनी हॉस्टल संचालित हो रहे हैं! ये मानते जरूर हैं! कि बिना परमिशन ऐसा करना गलत है! पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है! व्यापार विहा, राजेंद्र नगर, विनोबा नगर, विद्या नगर, क्रांति नगर, मित्र विहार,भारतीय नगर, प्रियदर्शनी नगर, अज्ञेय नगर, नेहरू नगर, नर्मदा नगर, बंधवापारा, सरकंडा, दयालबंद, किलावाट, जूना बिलासपुर, कतियापारा, गांधी चौक,कोनी समेत शहर के मध्य व अरपापार सरकंडा समेत अन्य क्षेत्रों में अवैध हॉस्टल की मानो बाढ़ आ गई है! शहर जैसे-जैसे शिक्षा का हब बनता जा रहा है! बाहर से आकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है! इसे देखते हुए अतिरिक्त कमाई के लिए लोग अपने घरों को हॉस्टल का रूप देकर छात्र-छात्राओं को रहने की सुविधा दे रहे हैं! वहीं अधिकांश मकान मालिक हॉस्टल खोलने के मापदंड को दरकिनार करते हुए बिना नियमों का पालन किए अवैध तरीके से इसका संचालन कर रहे हैं! इसमें अवैध गर्ल्स हॉस्टल सुरक्षा के लिहाज से अधिक संवेदनशील है! इसके बाद भी इसे अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे हैं! हॉस्टल संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है! कि यदि कोई हॉस्टल खोलता है! तो सबसे पहले उसे नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा! साथ ही संबंधित थाने में लिखित सूचना देनी होगी और रहने वालों की संख्या बताते हुए उनकी सुरक्षा का स्तरीय इंतजाम होने का ब्योरा देना होगा!  पर ऐसा नहीं हो रहा है! हाल यह है!  कि नगर निगम में पंजीयन तक नहीं कराया जा रहा है! वहीं संबंधित थाने में भी इसकी सूचना नहीं दी जा रही है! ऐसे में अगर कोई अप्रिय वारदात होने पर पुलिस मामले की जांच तो करती है! पर उनका कहना होता है! कि उन्हें हॉस्टल संचालित होने की जानकारी ही नहीं थी! सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण ही इस तरह की घटना होती है

सरकंडा, कोनी में सबसे ज्यादा,हुई  घटनाएं

वैसे तो शहर के सभी क्षेत्र में अवैध गर्ल्स हॉस्टल बॉयस हॉस्टल  संचालित हो रहे है! लेकिन सरकंडा और राजेंद्र नगर और पॉस कालोनी इलाके में अवैध गर्ल्स हॉस्टल की भरमार है! इसके चलते इन हॉस्टलों में समय-समय पर कुछ न कुछ घटनाएं होती ही रहतीं हैं! इसके अलावा कोनी और सरकंडा में भी हॉस्टलों की भरमार है! कोनी शिक्षा का गढ़ कहलाता है! यही वजह है! कि लोग पास में घर खोज रहे और इसकी आड़ में मकान मालिक मनमाफिक पैसे वसूल रहे हैं! कई जगह पर कुछ गलत घटनाएं भी हो चुकी हैं! पर अभी तक सब यूं ही चल रहा है! सर्वे करवा रहे हैं! फिर बता पाएंगे हम शहर में सर्वे करवा रहे हैं! कि कितने हॉस्टल संचालित हो रहे! पहले भी यह करवाया गया है! पर आंकड़ा मेरे पास नहीं है! जैसे ही आंकड़ा मिलेगा हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे! जीएन ताम्रकार, प्रभारी अधिकारी, भवन शाखा नगर निगम, बिलासपुर इन नियमों का नहीं कर रहे पालन, टैक्स की चोरी आमशहर की घनी आबादी में चलने वाले हॉस्टलों में रहने वालों को बकायदा खुद भोजन पकाने की सुविधा भी दी जाती है! इसके अलावा छोटी सी जगह पर हॉस्टलरों की भीड़ होने से अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक स्थिति मानी जाती है! जबकि भवन मालिक आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं रखते! निगम अब इसकी पड़ताल भी करने जा रहा है! आवासीय का नक्शा पास कराकर हॉस्टल के रूप में कुछ लोग जगह का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं! इससे उन्हें तो मोटी कमाई हो रही है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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