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18 Mar 2026, Wed

रक्षक बना तस्कर, रेंजर सूरज मिश्रा ने कराई अवैध लकड़ी तस्करी, पुलिस ने पकड़ा तो फर्जी बिल से बचने की कोशिश…

बिलासपुर,,, मंगलवार को मोपका पुलिस चौकी ने एक छोटा हाथी पकड़ा जिसमें अवैध तरीके से इमारती लकड़ी की तस्करी की जा रही थी!  जब पूछताछ शुरू हुई तो इस तस्करी में वन विभाग के एक रेंजर का नाम सामने आया! फिलहाल पुलिस ने लकड़ी, वाहन और ड्राइवर को कागजी कार्रवाई के बाद वन विभाग को सौंप दिया है!  जिस विभाग के जिम्मे जंगल और वन्य प्राणियों की रक्षा की जिम्मेदारी है! उसी विभाग के अधिकारी कर्मचारी लकड़ी तस्करी के धंधे में शामिल हो गए है! मंगलवार को मोपका चौकी क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की तो उसमें इमारती लकड़ी से बना दरवाजा, चौखट और शिलापट भरा था! वाहन चालक से लकड़ी के संबंध में पूछताछ करने पर कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका! जब थाने लेजाकर ड्राइवर से पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि लकड़ी बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत सोंठी जंगल से काटी गई है! और रेंजर सूरज मिश्रा ने मंगाया है। उसे सोंठी से बिलासपुर छोड़ने के लिए केवल एक हजार रुपए भाड़ा मिलेगा।जब पुलिस ने वाहन को रोका तब कुछ समय बाद वनपाल सूरज मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे और एक फर्जी बिल दिखाकर लकड़ी को छुड़ाने की कोशिश की। इससे पहले कि वे वाहन को ले जा पाते, वन विभाग की उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने लकड़ी से भरा पिकअप जप्त कर उसे बिलासपुर वन विभाग कार्यालय ले आई। बताया जा रहा है वन विभाग के कई अधिकारी इस धंधे में लिप्त है। जंगल में लकड़ी कटवाते है और वहीं के स्थानीय बढ़ई से दरवाजा, चौखट, सोफा और अलमारी बनवाकर शहर में बिकवा रहे रहे है। विभागीय सूत्रों की माने तो वन विभाग के उच्च अधिकारी भी इस धंधे में संलिप्त हैं। जब मामला खुल जाता है तो फर्जी बिल दिखाकर छुड़ा लिया जाता है। क्योंकि विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के कारण तत्काल बिल बना दिया जाता है। ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इस मामले में भी रेंजर ने कहा कि बिल के साथ लकड़ी लाई गई है लेकिन उसने कोई बिल नहीं दिखाया। हालांकि विभागीय स्तर पर रेंजर को बचाने जल्द बिल बना दिया जाएगा।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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