
बिलासपुर–पटना,,, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की तकनीशियन पदों की परीक्षा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है! बिहार के मुंगेर जिले का एक युवक फर्जी पहचान पत्रों के सहारे चार से पांच बार अलग-अलग नामों से परीक्षा में शामिल हुआ! मामला तब उजागर हुआ जब वह दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए बिलासपुर पहुंचा और उसकी पहचान की गड़बड़ी पकड़ी गई!
रेलवे भर्ती बोर्ड ने मामले की सूचना तोरवा थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया! पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि उसने फर्जी आईडी और नामों का इस्तेमाल कर कई बार परीक्षा दी थी! इस खुलासे से न सिर्फ रेलवे बोर्ड बल्कि पूरे भर्ती सिस्टम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं!
मुख्य तथ्य:
- आरोपी बिहार के मुंगेर जिले का निवासी है!
- उसने फर्जी नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 4-5 बार परीक्षा दी!
- मामला दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान उजागर हुआ।
- आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
- केस को शून्य एफआईआर के तहत पटना ट्रांसफर कर दिया गया है, ताकि जांच वहीं से आगे बढ़ सके।
बड़ी चिंता:
यह मामला नकल और फर्जीवाड़े को लेकर बने माफियाओं के नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जो तकनीकी और शैक्षणिक परीक्षाओं को प्रभावित कर रहे हैं। यह न केवल योग्य उम्मीदवारों के हक को मारता है, बल्कि देश की संस्थागत व्यवस्था पर भी सीधा हमला है।
रेलवे बोर्ड और प्रशासन की अगली कार्रवाई:
रेलवे बोर्ड ने सभी दस्तावेजों की पुनः जांच शुरू कर दी है और इस तरह के मामलों को पकड़ने के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया अपनाने की बात कही है। साथ ही, आरोपी के मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को लगाया गया है, जिससे पता चल सके कि वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा था या नहीं।
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