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22 Jan 2026, Thu

धर्म की नगरी में धर्मकांटे का खेल लिंगियाडीह वेयरहाउस में 50 किलो अनाज गायब, गरीबों के हिस्से में सेंध! घोटाले पर जांच जारी, पर सुधार पहले और जवाब बाद में…

00  गरीबों के अनाज पर सेंध,लिंगियाडीह वेयरहाऊस में धर्मकाटे का खेल उजागर…

00 तौल मशीन मे गड़बड़ी या घोटाला? PDS वेयर हाउस पर बड़े सवाल… 50 किलो अनाज गायब,आखिर कहा जा रहा गरीबों का हक….


बिलासपुर,,,  ज़िले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों और ज़रूरतमंदों तक राशन पहुँचाने वाले लिंगियाडी स्थित सरकारी वेयरहाउस से चौंकाने वाली ख़बर सामने आई है। यहाँ लगे धर्मकांटे यानी तौल मशीन में भारी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
ज़िला प्रशासन, खाद्य विभाग और मापतौल विभाग को की गई

शिकायत ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। सरकारी उचित मूल्य दुकान विक्रेता कल्याण संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वेयरहाउस के धर्मकांटे में हेराफेरी की जा रही है, जिससे राशन कम तौला जा रहा है

और ज़रूरतमंदों को उनका पूरा हक़ नहीं मिल पा रहा।संघ के मुताबिक़, उनकी शिकायत के बाद विभाग ने आनन-फानन में सत्यापन तो कर लिया, लेकिन शिकायतकर्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं दी। सदस्यो ने कहा कि आज तक इस वेयरहाउस में कभी भी धर्मकांटे का सत्यापन नहीं किया गया था।

उनके शिकायत होते ही विभाग के लोग एक दिन पहले जाकर सत्यापन कर आए और गड़बड़ी सुधार दी शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ट्रकों में लोड किए जाने वाले अनाज में करीब 50 किलो तक की कमी पाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। जिसकी मार दुकानदारों को झेलना पड़ रहा है। वहि इस विषय में जब जांच के लिए पहुंच अधिकारियो ने मीडिया कर्मियों द्वारा चर्चा की गई तो वे सत्यापन की प्रक्रिया जारी होने का हवाले देते हुवे बचते हुवे दिखे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है। बुधवार को जांच टीम मौके पर पहुँची और अधिकारियों ने मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि जांच जारी है, पूरी जानकारी बाद में दी जाएगी।लेकिन संघ सदस्य इस कार्रवाई से बेहद नाखुश हैं। उनका कहना है कि विभाग और अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं।


इस पूरे मामले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर जनता के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। गरीबों के अनाज पर सेंध लगाने का यह आरोप बेहद गंभीर है। अब देखना होगा कि ज़िला प्रशासन इस पर कितना सख़्त कदम उठाता है और दोषियों को कब तक कटघरे में खड़ा करता है।फिलहाल जांच जारी है, लेकिन आरोपों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या होगा इस बड़े घोटाले का अंजाम, क्या दोषियों पर गिरेगी गाज या फिर मामला दबा दिया जाएगा- यह आने वाला समय ही बताएगा।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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