
बिलासपुर,,,, शहर के प्रतिष्ठित मैग्नेटो मॉल में 4 अक्टूबर की दोपहर घटित एक घटना ने न केवल मॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि निजी सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही की परतें भी खोल दीं! थाना सिविल लाइन पुलिस की तत्परता ने एक संभावित बड़ा विवाद टाल दिया!

हथियारबंद गार्ड की अभद्रता, वाहन चालक से झगड़ा
मॉल की पार्किंग में पुलिस विभाग का वाहन खड़ा किया जा रहा था! उसी समय बी.आई.एस. सिक्योरिटी सर्विसेज में तैनात गार्ड जीवन कुमार डहरिया, निवासी ग्राम झाल, थाना बिल्हा ने वाहन चालक और गनमैन से अभद्र व्यवहार करते हुए वाद-विवाद शुरू कर दिया!

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, गार्ड अन्य आम नागरिकों से भी अपशब्दों और धमकियों के साथ व्यवहार कर रहा था!
जब पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने की कोशिश की, तो उसने और अधिक हुज्जतबाजी और अपमानजनक भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया! स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसके लिए तत्काल सूचना थाना सिविल लाइन पुलिस को दी गई!
जांच में खुली पोल — गार्ड 3 पुराने अपराधों में लिप्त
सिविल लाइन पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि आरोपी गार्ड को कंपनी ने बिना चरित्र सत्यापन के नियुक्त किया था! आगे की जांच में खुलासा हुआ कि गार्ड तीन गंभीर आपराधिक प्रकरणों में पहले से आरोपी है!

1. थाना बिल्हा (20 जनवरी 2016): जुआ खेलने एवं खिलवाने का मामला…
2. थाना बिल्हा (20 फरवरी 2024): मारपीट का मामला, जिसमें धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़ी गई थी…
3. थाना बिल्हा (27 मार्च 2024): बलवा और सार्वजनिक मार्ग अवरोध करने का प्रकरण…
झूठे वीडियो से भटकाने की कोशिश
घटना के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक भ्रामक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने थाना सिविल लाइन के कर्मचारियों पर निराधार आरोप लगाए! पुलिस जांच में पाया गया कि यह वीडियो आरोपी का ध्यान भटकाने और अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाने का प्रयास था!
पुलिस की त्वरित कार्रवाई — कंपनी को नोटिस
थाना सिविल लाइन पुलिस ने सभी तथ्यों के परीक्षण के बाद आरोपी गार्ड के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है!

इसके साथ ही, बी.आई.एस. सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है! नोटिस में पूछा गया है! कि बिना चरित्र सत्यापन के हथियारबंद गार्ड को सार्वजनिक स्थल पर कैसे नियुक्त किया गया, जो कानून और सुरक्षा नीति दोनों का उल्लंघन है!

पुलिस कप्तान का सख्त रुख
पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने इस घटना पर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया उन्होंने कहा —जब सुरक्षा पर ही हमला होता है! तो वह केवल कानून व्यवस्था का नहीं, समाज की आत्मा का उल्लंघन होता है!

सार्वजनिक स्थलों पर हथियारबंद गार्डों की तैनाती जिम्मेदारी के साथ होनी चाहिए! इस तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस विभाग ने शहर के सभी मॉल, होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर तैनात सिक्योरिटी एजेंसियों के चरित्र सत्यापन की व्यापक जांच शुरू कर दी है!
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