Breaking
22 Jan 2026, Thu

भारी बिलों से घिरी सरकार का नया दांव: सूर्यघर योजना के सहारे 200 यूनिट तक बिजली हाफ, विरोध-आक्रोश के बीच विधानसभा में की बड़ी घोषणा…

00 राजनीति के जानकार बता रहे डेमेज कंट्रोल की कवायद…
00 पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को प्रमोट करने एक और कदम…

बिलासपुर,,,, सत्ता परिवर्तन के बाद 400 यूनिट तक हाफ बिजलीं योजना को 100 यूनिट तक अटकाने और अनाप शनाप बिलिंग से घिरे छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव सरकार ने आखिकार विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को इस शर्त पर 1 वर्ष तक  200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ देने का निर्णय लिया है! कि ऐसे उपभोक्ता इस अवधि में वे अपने घरों में कर्ज लेकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा ले!
  सरकार का दावा है! कि इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे! इतना ही नही 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, दावा है! कि इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है! ताकि वे इस अवधि में अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।
  यानि दावा है कि इससे प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, कहा जा रहा कि इसका उद्देश्य भविष्य में कोयला आधारित पारम्परिक महंगी बिजलीं से राहत दिला उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली प्रदाय करना है।
     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से यह स्किम लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में कमी आएगी। साथ ही उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत
राज्य शासन की ओर से दी जा रही सब्सिडी के बारे में बताया कि योजना के तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये, 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। दावा है कि यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

विपक्ष व आम उपभोक्ताओं के विरोध का दबाव या नया दांव

हकीकत यह है कि कोल आधारित पारम्परिक बिजलीं, कोयले के बढ़ते दाम के कारण बेहद भारी और महंगी पड़ रही, जिसके समय के साथ और महंगी होने के कयास हैं, यही वजह है कि सरकार कोयला संकट और भविष्य की महंगी बिजलीं से निजात दिलाने ये पहल कर रही है।


वही घर, वही खपत फिर कैसे मीटर रहा हपट, आखिर क्या है मापदंड

उपभोक्ता पूछ रहे कि तकनीक समझ मे नही आखिर ये सब  क्या और कैसे हो रहा सरकारो और विद्युत वितरण कम्पनी के अफसरों ने दावा किया कि घरों और संस्थानों में सीएफएल बल्ब लगवाइए इससे बिजलीं की खपत कम  होगी और बिल में कमी आएगी,  उपभोक्ताओं ने सीएफएल लाइटे ली, इसके  बाद एलईडी लाइटे आई तब भी ऐसा ही दावा किया गया लोगो ने अपने घरों और संस्थानों में
एलईडी लाइटें लगवाई पर उल्टा हो गया बिल इन तमाम कवायद और दावों के बावजूद तीन से चार गुना ज्यादा बढ़कर आ रहा।पब्लिक हैरान है कि घर वही है कमरे उतने ही है लाइटे और विद्युत उपकरण भी वही है तो फिर बिल इतना भारी भरकम क्यो, क्यो बिल कम होने के बजाय हर माह तीन से चार गुना बढ़कर आ रहा है आखिर फ़ंडा है क्या…? क्या यूनिट का मापदंड बदल गया है कहा जाता था कि 100 वाट का लटटू बल्ब 12 घण्टे जलने पर 1 यूनिट होता है तो अब यूनिट की गणना क्या बदल गई है, आखिर ऐसा क्या हुआ कि बिजलीं का बिल राई से पहाड़ की तरह बढ़ गया…?


और क्या कर्जा लेकर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने से बिजलीं बिल वाकई जीरो होगा क्योंकि अभी तक तो जहा-जहां प्रकाश पड़े सीएफएल और एलईडी के हो गए. बण्ठाढार टाइप स्थिति है…?

हल्ला डेमेज कंट्रोल का

हल्ला है कि बदहाल विद्युत व्यवस्था, ऊपर से स्मार्ट मीटर की दो से तीन गुना अधिक बिलिंग और उसके ऊपर बिजलीं  दर में बढ़ोतरी से आमजन मे आक्रोश है, यही वजह है कि आखिरकार सरकार को गोपनीय रिपोर्ट के बाद डेमेज कंट्रोल के तहत ये निर्णय लेना पड़ा…।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed