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22 May 2026, Fri

सुशासन तिहार में एसडीएम पर गिरी गाज, 6 हजार से ज्यादा राजस्व प्रकरण लंबित, सुखरू-बुधारू अब भी कतार में, नोटिस से मचा हड़कंप, जनता पूछ रही—कब होगा काम और किस पर होगी असली कार्रवाई?…

00 प्रकरणों के पेंडेंसी में बिलासपुर तहसील नम्बर -1…
00 सुशांसन शिविरों से आ रही कार्रवाई की खबरे, यहाँ तो बड़े- बड़े कांड इनका क्या होगा..


बिलासपुर,,, गदफ़दाये सुशासन तिहार के बीच बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बिलासपुर S.D.M मनीष साहू को राजस्व प्रकरणों के निबटारे में कोताही बरतने के मामले में नोटिस जारी कर काम मे सुधार लाने और हर सप्ताह के सोमवार को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिया है!


जारी नोटिस में सुशासन तिहार का हवाला देते हुए कहा गया है! कि सुशासन तिहार के शिविरों का आयोजन हो रहा शिविरों में नामांतरण प्रमाण पत्रो,फसल क्षति. जनहानि पशुहानि, अभिलेख से सम्बंधित प्रकरणों के आवेदन को लेकर उनका उचित निराकरण किया जाना है! स्वयं मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के शिविरों का निरीक्षण कर शासन की योजनाओं की समीक्षा कर रहे… राजस्व न्यायालयों के अवलोकन अनुसार जिले में रास्वज प्रकरणों का निराकरण अपेक्षा अनुरूप नहीं है! ई-कोर्ट में 6411 प्रकरणों में 1151 प्रकरणों में 01 वर्ष से 03 वर्ष के 987. 03 वर्ष से 05 वर्ष के 144 एवं 5 वर्ष सेक 20 प्रकरण निराकरण हेतु लंबित है! बिलासपुर अनुविभाग बिलासपुर के ई-कोर्ट में सर्वाधिक 530 प्रकरण लंबित मिले है! इसी प्रकार अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, सीमांकन, त्रुटिसुधार एवं खाता विभाजन के आवेदित प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत कम होने नक्शा बटांकन में तहसील बिलासपुर एवं बेलतरा का प्रतिशत क्रमशः 24%, 64% है! स्वामित्य योजना अंतर्गत तहसील बेलतरा के अधिकार अभिलेखों का संबंधित हितग्राहीयों को वितरित न करने, किया गया है! साथ ही तहसील बिलासपुर के 33 मैप-01 एवं मैप-02 के 01 मैप को सत्यापन पश्चात् सर्वे ऑफ इंडिया को प्रेषित न करने का उल्लेख किया है!
कलेक्टर द्वारा SDM को नोटिस जारी करने से प्रशासनिक हल्के में हड़कम्प मच गया है!


इहा का होगा…

सुशासन तिहार के दौरान जगह-जगह से लापरवाह अफसरो पर कार्रवाई की खबरे आ रही कि C.M एक्शन में बिलासपुर में तो विभागवार कांडो की श्रृंखला है! चर्चा है! कि इनका क्या होगा…? कुछ होगा कि…?

कब होगा सुखरू- बुधारू का काम…

तहसील में किनका काम हो रहा… और कैसे हो रहा ये सबको पता है! मरना तो सुखरू- बुधारू का है! जो तपती दुपहरी में गांव- देहात से पेशी में अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, सीमांकन, त्रुटिसुधार एवं खाता विभाजन और राजस्व सम्बन्धी अन्य प्रकरणों के लिए इस आस में आते है! कि इस बार साहब मेहरबान होंगे,,, सवाल यह उठ रहा… कि नोटिस का ये तीर क्या सुखरू- बुधारू के लिए राहत लेकर आएगा क्या उनके भी काम होंगे… उनका नम्बर कब आएगा…?

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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