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10 Jul 2026, Fri

खबर का असर: वृद्धा महिला की शिकायत ने खोली तहसील की पोल, कलेक्टर के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप; सीमांकन, दलाली और अभद्रता के लगे आरोपों पर तहसील कार्यलय का गरमाया माहौल…

00 अधिवक्ता ने कहा न्यायधानी का तहसील घटिया, भयंकर पेंडेंसी नही होता काम…

00 नोटिस जारी, 6 माह में नही आई सीमांकन की पारी…

बिलासपुर,,,,  न्यायधानी बिलासपुर के तहसील दफ्तर में विगत 6 माह से सीमांकन के लिए भटक रही… वृद्धा के आरोप ने फिर सिस्टम और अफसरो के दावो की सच्चाई सामने ला दी…. अभी अभी सुशांसन से निबटे वृद्ध महिला का आरोप है! कि R.I मनीष शुक्ला ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया… ये खबर मीडिया में आई तो दूसरे दिन कलेक्टर साहब तहसील कार्यालय का हाल जानने और मातहतों को हड़काने पहुँचे, तो लफड़ा और तगड़ा हो गया…. वकीलों ने दफ्तर में दलाली का आरोप मढ़ दिया…. फजीहत बढ़ता देख साहब ने मातहतों को हड़काया की नौकरी करना है! तो तरीके से करिये…. अचानक मीडिया का कैमरा चमका तो दरवाजा बंद हो गया…. और फिर अंदर क्या हुआ… ये अभी पता नही…?

ये है! पूरा मामला…..

बिलासपुर तहसील के राजस्व निरीक्षक मंडल जूना बिलासपुर अंतर्गत हल्का नंबर-38, ग्राम जरहाभाटा में स्थित भूमि के सीमांकन के लिए पिछले 6 माह से आवेदिका दुवासा बाई, ने अपनी भूमि खसरा नंबर 43/3 एवं 43/5 (रकबा क्रमशः 0.0170 हेक्टेयर) के सीमांकन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था… राजस्व ने सीमांकन के लिए उसे नोटिस भी जारी किया गया… पर 6 माह हो गए…. R.I और पटवारी सीमांकन तो दूर जमीन ढूंढने तक नही पहुचे… वह तब से आज तक लगातार तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही है! वृद्धा का आरोप है! कि जब वह R.I मनीष शुक्ला से पर सीमांकन के लिए बात हुई…आज तक न होने की बात कही… तो उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया…. फोन पर भी अश्लील गाली-गलौज कर अपमानित किया गया…. ऐसा उसका आरोप है! मीडिया मे सरकारी दफ्तर में महिला सशक्तिकरण के दावे वाली सरकार के राज में वृद्ध महिला से गाली गलौज और अभद्रता की खबर से तहलका मचा गया….कलेक्टर साहब मामले को संज्ञान में लेकर शुक्रवार को सुबह सीधे तहसील दफ्तर पहुँचे…. अचानक कलेक्टर के पहुचने से दफ्तर में हड़कम्प मच गया… उन्होंने दस्तावेज को उलट पलट कर देखा… और यहां के माहौल का जायजा ले मातहतों की क्लास लगा दी…उन्होंने मातहत अफसरो से दो टूक कहा… कि ऐसा नही चलेगा नौकरी करनी है! तो ठीक से करिए नही तो… इतने में आवाज आई… कि यहां खुल्ला दलाली होता है! साहब, वकीलों के नही बिल्डरों, दलालों और नेताओं के काम होते है! जैसे ही मीडिया का कैमरा चमका कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया… इसके बाद साहब ने बन्द कमरे में मातहत अफसरो की बैठक ली…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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