Breaking
30 Jul 2026, Thu

19 घंटे का इलाज, ₹4.75 लाख का बिल… फिर भी नहीं बची जान! बिलासपुर के निजी अस्पताल पर महंगी सांसों का सवाल, सौदेबाजी के बाद ₹2.25 लाख में मिली मरीज की बॉडी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल….

00 जो सुने वो भौचक ये कैसा इलाज खुद के लिए जरूरत पड़ी तो क्या होगा टेंशन…

00 चिकित्सा और शिक्षा के खर्चे में निकल रहा आम आदमी का दम…

बिलासपुर,,,, शहर के एक निजी अस्पताल में हार्ट अटैक से मृत मरीज के परिजन को 19 घण्टे की चिकित्सा का पौने 5 लाख का बिल ठोकने का मामला सामने आया है! हलाकान परेशान परिजनों- परिचितों ने इधर- उधर एप्रोच लगाया…. तब कहीं बार्गेनिंग के बाद सवा दो लाख रुपये में मामला डन हुआ और परिजनों को बॉडी और राहत मिल सका….

बताया जा रहा…. कि सीने में दर्द होने पर मरीज खुद मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे ऑटो से अपने बेटे को लेकर निजी होस्पिटल पहुचे…. उनकी चिकित्सा की गई…. पर दूसरे दिन बुधवार को सुबह 9- 10 बजे के बीच मरीज ने दम तोड़ दिया….
अपने परिवार के मुखिया की मौत के बाद दूसरा झटका परिजनों को तब लगा जब उन्हें पौने 5 लाख का बिल टिकाया गया… परिजन- परिचित सब सत्र रह गए…. कि ये क्या…? 19 घण्टे की चिकित्सा का पौने 5 लाख बिल, चर्चा चलने लगी अरे बावा रे ये कौन संजीवनी बूटी दे रहे कि मरीज की जान चली गई….. और बिल पौने 5 लाख हो गया…. वो भी महज 19 घण्टे में ले देकर मामला 2 लाख 25 हजार में सेट हो गया….

सारा शहर देख रहा…. कि कोरोनाकाल के बाद शहर में बड़ी तादात में नए हॉस्पिटल और चमाचम मेडिकल स्टोर्स खुल गए है! आये दिन इन अस्पतालों से मरीजो के इलाज में कोताही, लापरवाही के आरोप लग रहे हंगामा हो रहा…. अनाप-शनाप बिलिंग की शिकायतें आ रही पर हो कुछ नही रहे…. लोग उस अच्छे दिन को कोस रहे जब चुकित्सा और शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी थी…. और निशुल्क थी…. जो आज आम आदमी के बस के बाहर हो गई है!

वादे है वादों का क्या….

इन 26 सालो में छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस की सरकारे रही…. मुफ्त और समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा पहुचाने का दावा किया गया पर हो क्या रहा सब देख रहे है!

ये है दावे और योजनाएं….

कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना, आयुष्मान योजना, सस्ती दवाएं
इसके अलावा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता , आयुष्मान भारत शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को पारदर्शी व मुफ्त इलाज देने का संकल्प और अनियमितता बरतने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई का भी दावा है पर सबके सब बावा है!

इलाज का पता नही बिल 8-9 लाख….

कोरोनाकाल में चिकित्सा के नाम पर किस कदर भय और भर्राशाही का माहौल था सबने देखा, चिकित्सा और दवाइयों का पता नही था पर बिल 8-9 लाख तक के ठोंके गए….

डॉ के अपहरण तक का मामला आया…

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोरोनाकाल के दौरान गत सितंबर 2021 में एक निजी अस्पताल के डायरेक्टर के अपहरण की घटना सामने आई थी, जिसमें दो डॉक्टरों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया ,जांच में पैसों के लेन-देन और आपसी विवाद को अपहरण का मुख्य कारण बताया गया ।

हनक अफसरशाही का….

कोई भी विभाग हो आजमाकर देख लीजिए जब आमआदमी को मदद की दरकार हो, आम आदमी अपनी शिकायत अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहचाना चाहते है जिम्मेदार तनखैया कॉल तक रिसीव नही करते। बुधवार को निजी अस्पताल में 19 घण्टे की चिकित्सा के बाद मरीज की मौत और पौने 5 लाख के बिल को लेकर जब सीएमएचओ को कॉल कर शिकायत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने हमेशा की तरह कॉल ही रिसीव नही किया।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed