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31 Jul 2026, Fri

रायपुर में एनालॉग पनीर पर ताला, अब बिलासपुर की बारी? थाली में असली पनीर मिलेगा या जांच से पहले ही खुल जाएगी मिलावट की परत, कार्रवाई का सबको इंतजार….

, राजधानी रायपुर में शुक्रवार से एनालॉग पनीर की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लागू हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके बाद अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले पनीर की गुणवत्ता पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी।
सरकार के फैसले के साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। लोगों की अपेक्षा है कि बाजारों, होटलों और रेस्टोरेंटों में नियमित जांच अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को शुद्ध दूध से बना पनीर ही उपलब्ध कराया जाए। यदि जांच और कार्रवाई प्रभावी रही तो मिलावटी और एनालॉग पनीर के कारोबार पर रोक लगेगी, लेकिन निगरानी कमजोर रही तो यह फैसला केवल घोषणा बनकर रह सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एनालॉग पनीर वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य सामग्री से तैयार किया जाता है। कई बार इसे बिना जानकारी दिए असली पनीर बताकर ग्राहकों को परोस दिया जाता है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित होते हैं और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार का यह कदम खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इधर बिलासपुर में भी उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों की निगाह प्रशासन पर टिक गई है। शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और डेयरियों में विशेष जांच अभियान कब शुरू होगा, इसे लेकर लोगों में उत्सुकता है। फिलहाल बिलासपुर में अभियान शुरू करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन जल्द ही यहां भी सघन जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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