
बिलासपुर,,, एक तरफ छ्त्तीसगढ़ सरकार नागरिकों और किसानों को डायवर्सन के लिए दफ्तरों के चक्कर से मुक्त करते हुए विभागीय पोर्टल के जरिये घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और प्रीमियम जमा कराने व 15 दिन में आवेदन पर कार्रवाई न होने पर 16 वें दिन ऑटोमैटिक अप्रूवल का ढिंढोरा पीट रही…. वही न्यायधानी के तहसील में इसके उलट आवेदन खारिज और माल जब्त होने की खबरे आ रही है! पब्लिक तहसील दफ्तर के चक्कर काट काट हलाकान है! और पूछ रही है! कि सरकार ने तो नया सिस्टम लागू किया है! तो फिर उनके साथ छलावा क्यो…
ये है! आदेश….
शासन ने नागरिकों को डायवर्सन के लिए दफ्तरों के चक्कर से बचाने विभागीय पोर्टल के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और प्रीमियम के भुगतान की सेवा देने का फरमान जारी किया है! इस आदेश के तहत पोर्टल के जरिये आवेदन सीधे संबंधित जिले के एसडीएम के पास पहुंचते हैं! जिन्हें 15 दिन के भीतर डायवर्सन आदेश जारी करना होता है! यदि एसडीएम तय समय सीमा 15 दिनों में आदेश जारी नहीं करते हैं! तो 16 वें दिन सिस्टम स्वतः (ऑटोमैटिक) आदेश जारी कर देता है! और डायवर्सन मान्य हो जाना चाहिए…
फिर भी गणपति परिक्रमा…?….
पर बिलासपुर में शासन के आदेश की खुलेआम अवहेलना कर नागरिकों को चक्कर कटवा हलाकान किया जा रहा… पूरा खेल माल का का है! यही वजह है! कि शासन के खुले आदेश के बाद भी लोग डायवर्सन के लिए तहसील, आरआई और पटवारी के चक्कर काटने विवश है!
माल भी गया डायवर्सन भी नही हुआ….
बताया जा रहा…. कि पिछले माह भर में ऐसे दर्जन भर मामले सामने आए है! जिन्होंने डायवर्सन के लिए विधिवत आवेदन कर दस्तावेज ओके होने पर शुल्क जमा किया… चक्कर पड़ चक्कर काटे पर न तो डायवर्सन हुआ… न जमा किये गए… रकम वापस मिले किसी के 50 हजार किसी के डेढ़ तो किसी के 2 लाख गए… उन्हें रकम की व्यवस्था कर गुरु ज्ञान ले दुबारा डायवर्सन के लिए आवेदन करना पड़ा… उम्मीद है! कि इस बार डायवर्सन पक्का हो जाएगा… क्योकि चढ़ावा हो गया है!
कौन दे रहा इतनी ताकत…
बिलासपुर तहसील अपने कारनामो और बड़े बड़े कांडो के लिए चर्चित है!
00 बिना आवेदन 10 एकड़ जमीन एक नेता के नाम चढाने…
00 किसान की खड़ी फसल को पाटकर कालोनी के लिए रास्ता देने…
00 सरकारी जमीनों पर बड़ी बड़ी कालोनियां तनने…
00 साढ़े 17 करोड़ के फर्जी सर्पदंश…
जैसे कईं बड़े बड़े कारनामे सामने आ चुके किसी का बाल बांका नही हुआ…?
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डायवर्सन के कितने आवेदन लंबित है! देखना पड़ेगा… दस्तावेज अपूर्ण होने की वजह से आवेदन खारिज हुए होंगे… आवेदनकर्ताओं के पैसे जब्त नही हुए है! उन्हें वापस किये जायेंगे कैसे होंगे अभी नही बताया गया है!
मनीष साहू एसडीएम बिलासपुर
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