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20 Sep 2026, Sun

ई है RTO दफ्तर तू देख बबुआ, बरामदे में फाइलों की ‘खरही’, सीढ़ियों पर रिकॉर्ड के बोरे और सुरक्षा भगवान भरोसे, फाइल गायब हो, दस्तावेज निकले या फर्जीवाड़ा हो जाए तो RTO साहब बताएंगे, इन सरकारी कागजों का ‘माई-बाप’ आखिर कौन?

00 बरामदे में कमर तक ऊंची फाइलों की थप्पियां…
00 सीढ़ियों पर ऐसे घसीटकर ढो रहे दस्तावेज के बोरे…
00 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…

बिलासपुर,,, ये नजारा है! सीपत रोड, स्थित लगरा के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रथम तल का है! इसी तल पर RTO साहब का चेंबर है! अलग-अलग सेक्शन संचालित होते हैं! बरामदे के आखिरी छोर में दीवार से सटाकर कमर तक ऊंची फाइलों की थप्पियां लगा दी गई हैं! फाइलें खुले बरामदे और बरामदे से लगे एक काउंटरनुमा कमरे में अस्त- व्यस्त और धूल धूसरित पड़ी है! सवाल यह उठ रहा…. कि लक्ष्मी दर्शन के नाम से चर्चित RTO दफ्तर में क्या इन्हें सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रूम तक की व्यवस्था नही है! क्या इनकी कोई अहमियत नही है! ऐसे में यदि कोई फाइल या किसी फाइल से कोई आवश्यक दस्तावेज गायब होते है! या इनसे कोई फर्जीवाड़ा होता है! तो इसका जिम्मेदार कौन होगा…?
इन तस्वीरों में आप खुद देखिए कैसे RTO साहब के चेम्बर के आगे बरामदे के अंतिम छोर पर इस कदर बेतरतीब ढंग से फाइलो को कमर तक ऊची थप्पी बनाकर रखा गया है! इसी के ठीक सामने एक कमरा भी फाइलो से अटा पड़ा है! सरकारी दस्तावेज के रखरखाव और सुरक्षा की ये एक और तस्वीर देखिये कैसे दो लोग विभागीय दस्तावेज से भरे बोरे को गाड़ी से उतार घसीटकर सीढ़ियों पर घसीटकर ऊपर ले जाते नजर आ रहे है!

ये मामला महज अव्यवस्था का नहीं, रिकॉर्ड की सुरक्षा और गोपनीयता का भी है! परिवहन विभाग के दस्तावेजों में वाहन, लाइसेंस, परमिट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होती हैं! ऐसे में यदि रिकॉर्ड खुले स्थान पर पड़ा है! तो उसकी निगरानी, पहुंच और सुरक्षित रखरखाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है!

खास बात यह है! कि पुराने बिलासपुर जिले का बड़ा हिस्सा अब अलग-अलग जिलों में बंट चुका है! और नए जिलों में नए परिवहन कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं! इसके बावजूद यहां रिकॉर्ड का बोझ और उसका रखरखाव सवालों के घेरे में नजर आ रहा है! अब सबसे बड़ा सवाल यही है! यदि खुले में पड़े इन दस्तावेजों की कोई प्रति बाहर निकल जाए…. या कोई रिकॉर्ड गायब हो जाए… अथवा किसी दस्तावेज का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़े की कोशिश हो जाय… तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?


कार्यालय परिसर में दलालों और बाहरी लोगों की आवाजाही के अलावा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली किसी से छिपी नही है! फाइलें सरकारी हैं! रिकॉर्ड विभाग का है! और जवाबदेही भी विभाग की ही होनी चाहिए—लेकिन तस्वीरें देखकर फिलहाल सवाल यही है! कि इन फाइलों का ‘माई-बाप’ आखिर है! कौन?

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बिलासपुर क्षेत्रिय परिवहन कार्यालय में कार्यभार सम्हालने के बाद सारी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने लगातार प्रयास किया…. पेयजल और बैठक की व्यवस्था इसका उदाहरण है! जहाँ तक फाइलो की बात है! रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा रहा… इसके लिए शासन से फंड मांगा गया है…!

असीम माथुर, क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी बिलासपुर….

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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