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3 Sep 2026, Thu

CMHO का ‘शिकायत दो, इंतजार करो’ फार्मूला, एलाइट हॉस्पिटल के लाखों के बिल से हरिओम में शव रोकने, पेंडलवार और नोबल से जिला अस्पताल तक शिकायतों की लंबी फेहरिस्त, मगर जांच और कार्रवाई की रफ्तार देखकर लगता है फाइलें भी मांग रही इलाज…

बिलासपुर,,,, जिले भर के स्वास्थ महकमे की मॉनिटरिंग करने वाला स्वास्थ्य विभाग को शायद पुराना मंदिर का पेटी मिल गया है! लगातार निजी और सरकारी अस्पतालो के खिलाफ आने वाली शिकायतों की जांच या तो आगे ही नहीं बढ़ती.. या फिर जवाब गोलमोल होता है! एलाइट हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद 18 घंटे का 4 लाख 50 हजार के चर्चित बिल का मामला पूरे छत्तीसगढ़ में गुंजा… पर महकमे के CMHO को अब भी लिखित शिकायत की दरकार है!

पहला मामला….👇 एलाइट हॉस्पिटल…

गत 3 अगस्त को व्यापार विहार स्थित एलाइट हॉस्पिटल में हार्टअटैक से पीड़ित मरीज की 18_19 घंटे बाद हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 4 लाख 60 हजार रुपये का बिल थमाने का मामला सामने आया था… जब हल्ला मचा तब मरीज के परिजनों को बिल में 50 परसेंट से अधिक की रियायत देने का मामला चर्चा में आया… इस चर्चित मामले को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में हड़कंप मचा रहा… और जिले की CMHO को शिकायत की दरकार है! उनका कहना है! कि मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है!

दूसरा मामला…👇 हरिओम हॉस्पिटल

तोरवा पवार हाउस के आगे हरिओम हॉस्पिटल का है! जहां से पैसे के लिए एक आदिवासी महिला के शव को बंधक बनाने का मामला सुर्खियों में आया था… कोरबा संसद ज्योत्सना महंत ने पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी को मामले में जानकारी और सहयोग के लिए संबंधित हॉस्पिटल में भेजा… जहां जमकर बवाल हुआ था… इस मामले में CMHO का कहना है! कि जांच हो गई है! इसकी रिपोर्ट बना कर भेजेंगे…

तीसरा मामला…👇 पेंडलवार नर्सिंग हॉस्पिटल

तोरवा के पेंडलवार नर्सिंग होम में प्रसूता के पेट में धागा छोड़ने के मामले में CMHO डॉक्टर गरेवाल का कहना है! कि मामले की जांच हो चुकी है! रिपोर्ट भी आ गई… इसमें डॉक्टर की गलती नहीं है! महिला को युरिन इन्फेक्शन के कारण अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था… जहां से 3 दिन बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है!

चौथा मामला….👇 नोबल हॉस्पिटल

CMHO का कहना है! कि सिम्स में मृतक का पोस्टमार्टम हुआ था… जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है!

पांचवा मामला…👇 जिला हॉस्पिटल….

पुराना बस स्टैंड स्थित संभागीय मुख्यालय के जिला हॉस्पिटल में गत 21_22 अगस्त को तखतपुर की ज्योति देवांगन नामक महिला मरीज के इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही के बाद मरीज की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया था.. कलेक्टर से इसकी शिकायत भी हुई… कलेक्टर ने जांच के आदेश भी दिए… पर आज तक इस मामले में जांच ही शुरू नहीं हुई… और जांच शुरू होने से पहले ही CMHO ने उल्टा प्रसूता के परिजनों को ही दोषी ठहरा दिया… कि साफ सफाई न रखने के कारण इन्फेक्शन हुआ… उन्हें मरीज को जिला अस्पताल में दिखाना चाहिए था… फिर वे ये भी कह रही है! कि जांच टिम का गठन करने के लिए डॉक्टरों का टोटा है! इसलिए सिम्स से डॉक्टर की मांग की गई है!

गौरतलब है! कि करोना काल के दौरान भी निजी अस्पतालों में लापरवाही से मरीजों की मौत होने अनाप शनाप बिलिंग को लेकर होहंगामा हुआ…दर्जनों शिकायतें भी हुई… पर आज तक किसी भी मामले में कार्रवाई तो दूर जांच रिपोर्ट तक नहीं आई….

बाइट,,, शुभा गरेवाल CMHO बिलासपुर

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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